मथुरा बरूण वाल्मीकि की पुलिस कस्टडी में मौत कैसे हुई क्या वो जानता था 25 लाख का सच – बहुजन इंडिया 24 न्यूज

मथुरा बरूण वाल्मीकि की पुलिस कस्टडी में मौत कैसे हुई क्या वो जानता था 25 लाख का सच

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मथुरा बरूण वाल्मीकि की पुलिस कस्टडी में मौत कैसे हुई क्या वो जानता था 25 लाख का सच

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बहुजन इंडिया 24 न्यूज़ व बहुजन प्रेरणा दैनिक समाचार पत्र ( सम्पादक मुकेश भारती- सम्पर्क सूत्र 9336114041 )
मथुरा : ( विजय कुमार – ब्यूरो रिपोर्ट ) दिनांक- 22 – अक्टूबर – 2021-शुक्रवार ।


                    मथुरा बरूण वाल्मीकि की पुलिस कस्टडी में मौत कैसे हुई क्या वो जानता था 25 लाख का सच

आखिर बरूण वाल्मीकि की पुलिस कस्टडी में मौत कैसे हुई क्या वो जानता था 25 लाख का सच आगरा जिले के लोहामंडी जगदीशपुरा थाने के मालखाने से 17 अक्तूबर 2021 को हुई थी 25 लाख रुपये की चोरी। मालखाना थाने के अंदर है। और उसके बाहर बंदुक वाले पहरेदार भी हैं। और cctv कैमरा भी लगे हैं। उसके बावजूद भी थाने के मालखाने से 25 लाख रुपये की चोरी हो जाती है। और इतनी बड़ी चोरी होने पर किसी दरोगा होमगार्ड पर कोई सवाल उठाने की बजाय पुलिस अरुण वाल्मीकि को उठा कर थाने ले आती है। जो थाने में झाड़ू लगाने का काम करता था। पुलिस ने अरुण वाल्मीकि को रातभर थाने में रखा और सुबह उसके कब्जे से निकली अरुण वाल्मीकि की लाश। पुलिस ने ऐसे क्या किया बरूण वाल्मिकी के साथ जिससे उसकी मौत हो गई। जबकि आपको बता दें वरुण वाल्मिकी पर ना कोई एफआईआर ना जज के सामने पेशी ना वकील रखने का मौका दिया गया ना कोई दलील और पुलिस का कहना है। कि अरुण वाल्मीकि चोर था। हम उससे चोरी का माल बरामद करने की कोशिश कर रहे थे।अचानक उसकी तबियत बिगड़ी और वो मर गया। अरूण वाल्मीकि के परिवार वालों का कहना है। कि अरुण वाल्मीकि मरा नही है। उसको मारा गया है। मारने की वजह वो जानता था कि 25 लाख की चोरी में किस किस पुलिस वाले का हाथ है। किस किस का हिस्सा है। इसलिए पुलिस वालों ने उसे मार डाला ताकि व किसी का नाम ना ले सके। अरुण वाल्मीकि के परिवार के साथ भी पुलिस मारपीट करती है। अरुण वाल्मीक की पत्नी को महिला पुलिस के साथ साथ पुरुष पुलिस वालों ने भी मारा पिटा है। अब सवाल उठता है कि थाने में इतनी पहरेदारी होने के बावजूद भी चोरी कैसे हो जाती है। अगर पुलिस वालों के अनुसार अरुण वाल्मीकि चोर था। तो उसपर एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की गई उसको जज के सामने क्यों नहीं पेश किया।

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