स्वास्थ्य विभाग, लखीमपुर खीरी के सहयोग सेयुवराज दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कोविड टीकाकरण कैम्प का आयोजन – बहुजन इंडिया 24 न्यूज

स्वास्थ्य विभाग, लखीमपुर खीरी के सहयोग सेयुवराज दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कोविड टीकाकरण कैम्प का आयोजन

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युवराज दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आज दिनांक 20.01.2022 को जिला स्वास्थ्य विभाग, लखीमपुर खीरी के सहयोग से कोविड टीकाकरण कैम्प का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हेमन्त पाल ने कोविड टीकाकरण कैम्प का शुभारम्भ करते हुए अपील की कि जिन लोगों ने अभी तक कोविड टीकाकरण नही कराया है वे महामारी से बचाव हेतु अनिवार्य रूप से टीकाकरण करवा लें।

 20.01.2022 को जिला स्वास्थ्य विभाग, लखीमपुर खीरी के सहयोग से कोविड टीकाकरण कैम्प का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हेमन्त पाल ने कोविड टीकाकरण कैम्प का शुभारम्भ करते हुए अपील की कि जिन लोगों ने अभी तक कोविड टीकाकरण नही कराया है वे महामारी से बचाव हेतु अनिवार्य रूप से टीकाकरण करवा लें। महाविद्यालय में कोविड टीकाकरण कैम्प दिनांक 21 एवं 22 जनवरी 2022 तक जारी रहेगा। अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति पंत ने टीकाकरण कराने आये छात्र/छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सभी लोग टीकाकरण अवश्य कराये तथा लोगों की जिंदगी सुरक्षित करने में शासन / प्रशासन का सहयोग करें। महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ० सुभाष चन्द्रा ने बताया कि आज के टीकाकरण के अभियान में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के परिवारिक सदस्यों एवं महाविद्यालय परिसर के आस-पास के लोगों का स्वास्थ्य विभाग की ए.एन.एम. दीपा केवट व जे.एन.एम. ट्रेनीज अर्पिता अवस्थी तथा श्वेता अवस्थी ने टीकाकरण किया तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक वेद सिंह, प्रतिभा सिंह, नेहा सिंह, मोहम्मद गुलफाम, ब्रजेश कुमार तथा आकाश ने उपस्थित लोगों का टीकाकरण कराने में सहयोग किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक डॉ. जे.एन. सिंह, श्री विजय प्रताप सिंह के साथ साथ शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे। डॉ हेमन्त पाल प्राचार्य:युवराज दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय लखीमपुर-खीरी


गोरखपुर के दिलशाद और भागवत निषाद की सच्ची और पूरी कहानी:ब्यूरों लालजी कनौजिया ।

आर्मी से रिटायर भागवत निषाद बड़हलगंज के पटना चौराहे पर घर बनाकर सपरिवार रहते हैं। उनके घर के ठीक सामने अब्दुल की साइकिल की दुकान है जिसमें मुज्जफरपुर बिहार का रहने वाला दिलशाद काम करता था । दिलशाद ने भागवत निषाद की 17 वर्षीय बेटी पर डोरे डालना शुरू कर दिया, उसने इनके घर तक पैठ बनाई और छोटे मोटे काम में मदद करना शुरू कर दिया।कुछ समय बाद दिलशाद का भागवत निषाद के घर में बेरोकटोक आना जाना शुरू हो गया और इसने पूरी तरह से इनकी बेटी को अपने जाल में फंसा लिया ।इसने लड़की के कई सारे अश्लील फोटो और विडियो बना लिया और लड़की को अपने साथ भागने के लिए मजबूर करने लगा अपना और अपने परिवार ‌की इज्जत बचाने के लिए लड़की 11फरवरी 2020 को इसके साथ हैदराबाद चली गई । भागवत निषाद ने दिलशाद के उपर अपहरण का मुकदमा बड़हलगंज थाने में दर्ज कराई ।पुलिस ने अप्रैल 2020 के प्रथम सप्ताह में दिलशाद को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया और लड़की को ‌बरामद किया । लड़की बरामद होने के बाद, लड़की के बयान के आधार पर अपहरण के साथ साथ बलात्कार और पास्को एक्ट की धाराएं जोड़ दी गई और दिलशाद को ‌गोरखपुर के ‌बिछिया जेल में भेज दिया गया।

अप्रैल 2020 से नवम्बर 2021 तक वो जेल में रहा, चूंकि उसके पास कई फोटो ग्राफ थे जिसके आधार पर उसके वकील ने कोर्ट को ये बताया कि बलात्कार या अपहरण जैसा कोई मामला नहीं है, लड़की उससे प्यार करती थी इसलिए उसके साथ गई और स्वेच्छा से शारीरिक संबंध बनाए ।वकील ने मांग की ,कि चूंकि लड़का निहायत ही गरीब परिवार से है और अपने परिवार की रोजी-रोटी का साधन है इसलिए जमानत दी जाए।

जज ने उसकी जमानत मंजूर कर ली, और दिसम्बर 2021 के मध्य सप्ताह में वो जेल ‌से बाहर आ गया। बाहर आकर वो फिर लड़की और उसके परिवार को ब्लैकमेल करने लगा, वो कहने लगा कि लड़की की कहीं भी शादी नहीं होने देगा, उसकी जिंदगी बर्बाद कर देगा। साथ ही साथ अश्लील विडियो भी वायरल करने लगा।


पुलिस की पिटाई से 17 वर्षीय आदिवासी राहुल की हुई मौत। खजुरिया पुलिस चौकी थाना संपूर्णानगर – लखीमपुर।


अब सोचिए कि बिहार के मुजफ्फरपुर से आकर क्या वो अकेले ‌यहां इस तरह का दुस्साहस कर सकता था? तो वो अकेला नहीं था, पूरी स्थानीय जमात उसके साथ थी, शांति प्रिय समुदाय के जितने भी स्थानीय अपराधी प्रवृत्ति के युवक थे, सब उसके साथ साए की तरह रहते थे, और सुरक्षा प्रदान करते थे। उसके अत्याचार से पूरी तरह टूट चुके भागवत निषाद मौके की तलाश में जुट गए कल 21/1/22 को दिलशाद उसी केस के तारीख में गोरखपुर गया और अपने वकील से मिलने के लिए कचहरी के साइकिल स्टैंड के पास खड़ा था भागवत निषाद ने वहीं अपने लाइसेंसी ‌पिस्टल से गोली मार दी , गोली लगने के बाद भी वो भागने लगा भागवत निषाद ने निशाना साधकर दूसरी गोली चला दी जो कि उसके भेजे के आर-पार हो गई और वो वहीं ढेर हो गया। भागवत निषाद ने इसके बाद खुद को सरैंडर कर दिया ।।
चलते चलते…
कानून की दृष्टि में भले ही भागवत निषाद ने गलत किया हो, परन्तु एक गैरतमंद पिता व धर्म तथा समाज की दृष्टि में सही किया तभी उसे सोशलमीडिया पर इतना सम्मान मिल रहा।।

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