अयोध्या अरविंद गुरुजी व धमसादीन गुरु जी के नेतृत्व में दुखना पासी का शांति भोज मनाया गया – बहुजन इंडिया 24 न्यूज

अयोध्या अरविंद गुरुजी व धमसादीन गुरु जी के नेतृत्व में दुखना पासी का शांति भोज मनाया गया

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अयोध्या अरविंद गुरुजी व धमसादीन गुरु जी के नेतृत्व में दुखना पासी का शांति भोज मनाया गया

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अयोध्या अरविंद गुरुजी व धमसादीन गुरु जी के नेतृत्व में दुखना पासी का शांति भोज मनाया गया

अमानीगंज- अयोध्या विकासखंड अमानीगंज की ग्राम पंचायत भीखी का पुरवा में पिछले सप्ताह विद्युत करंट लगने से दुखना पासी की मृत्यु हो गई थी जिनका शांति भोज कार्यक्रम हुआ संपन्न। दुखना पासी सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक रामधनी की माता थी बोधिसत्व बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर एवं तथागत गौतम बुद्ध जी के विचारों के अनुसार सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अरविंद गुरुजी ने शांति भोज कार्यक्रम संपन्न कराया कार्यक्रम में अरविंद गुरुजी ने कहा कि मृत्यु भोज एक कुप्रथा है जिसे समाज से हटाना नितांत आवश्यक है जैसे दहेज प्रथा सती प्रथा और तमाम कुरीतियां जो समाज में व्याप्त थी उसे हमारे बुद्धिजीवियों ने खंडन करके समाज से दूर किया वैसे मृत्युभोज भी समाज से दूर करना आवश्यक है और तथागत गौतम बुद्ध जी के विचारों के अनुसार चलना है सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक धमसादीन गुरुजी ने रामधनी मास्टर की माता की शांति भोज में अपने विचार रखे की जो समाज में क्रिया बैठने का काम और सिर मुड़वाने का काम होता था इसका खंडन किया ना तो कोई क्रिया बैठा और नाम सिर मुड़वाया इससे हमारे समाज को सीख मिलती है और इसका अनुकरण करना चाहिए माताजी व डॉ भीमराव अंबेडकर एवं तथागत गौतम बुद्ध जी को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए शांति भोज में 1 दिन मात्र प्रसाद के रूप में भोज आयोजन किया गया सतनाम साहब ने समाज को नई दिशा देने का काम किया उन्होंने कहा कि हमारी समाज में जो कुरीतियां व्याप्त हैं उनसे हमें विमुख होना है।

बहुजन इंडिया 24 न्यूज़ व बहुजन प्रेरणा दैनिक समाचार पत्र (सम्पादक मुकेश भारती ) मो ० 9336114041 )अयोध्या – ( गोपीनाथ रावत – ब्यूरो रिपोर्ट )- दिनांक 29 मार्च 2022- मंलवार ।

अमानीगंज- अयोध्या विकासखंड अमानीगंज की ग्राम पंचायत भीखी का पुरवा में पिछले सप्ताह विद्युत करंट लगने से दुखना पासी की मृत्यु हो गई थी जिनका शांति भोज कार्यक्रम हुआ संपन्न। दुखना पासी सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक रामधनी की माता थी बोधिसत्व बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर एवं तथागत गौतम बुद्ध जी के विचारों के अनुसार सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अरविंद गुरुजी ने शांति भोज कार्यक्रम संपन्न कराया कार्यक्रम में अरविंद गुरुजी ने कहा कि मृत्यु भोज एक कुप्रथा है जिसे समाज से हटाना नितांत आवश्यक है जैसे दहेज प्रथा सती प्रथा और तमाम कुरीतियां जो समाज में व्याप्त थी उसे हमारे बुद्धिजीवियों ने खंडन करके समाज से दूर किया वैसे मृत्युभोज भी समाज से दूर करना आवश्यक है और तथागत गौतम बुद्ध जी के विचारों के अनुसार चलना है सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक धमसादीन गुरुजी ने रामधनी मास्टर की माता की शांति भोज में अपने विचार रखे की जो समाज में क्रिया बैठने का काम और सिर मुड़वाने का काम होता था इसका खंडन किया ना तो कोई क्रिया बैठा और नाम सिर मुड़वाया इससे हमारे समाज को सीख मिलती है और इसका अनुकरण करना चाहिए माताजी व डॉ भीमराव अंबेडकर एवं तथागत गौतम बुद्ध जी को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए शांति भोज में 1 दिन मात्र प्रसाद के रूप में भोज आयोजन किया गया सतनाम साहब ने समाज को नई दिशा देने का काम किया उन्होंने कहा कि हमारी समाज में जो कुरीतियां व्याप्त हैं उनसे हमें विमुख होना है। और शिक्षा से ही सब संभव है इसलिए आप सभी अपने बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाएं और विकास के सारे रास्ते को प्रशस्त करें पासी कल्याण परिषद के महामंत्री राम अवध पासी ने कहा कि हमें पुरानी परिपाटी को बदलने की जरूरत है उस समय जो पुरानी परिपाटी थी समय के अनुसार ठीक थी लेकिन अब समय परिवर्तित हो गया है हमें भी परिवर्तित होने की जरूरत है , अखिल भारतीय पासी कल्याण परिषद के कोषाध्यक्ष लल्लन पासी ने कहा कि शिक्षित हो संगठित हो फिर संघर्ष करो देश संविधान से चलता है शिक्षा ना होती तो संविधान ना होता ,दिनेश रावत ने कहा हमारे समाज में तमाम प्रकार की कुप्रथा कुरीतियां छुआछूत तमाम प्रकार से हमारी समाज ग्रसित थी जिसे बोधिसत्व बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर ने दूर करने का काम किया और हमारे मौलिक अधिकारों को बचाने का कार्य किया जो हमारे लिए और हमारे पूर्वजों के लिए महान हैं हम सभी उनके ऋणी है ,बृजलाल पूर्व प्रधानाचार्य आईटीआई ने कहा शिक्षा व हथियार है जिससे कठिन से कठिन मार्ग पर रास्ता बनाया जा सकता है और लक्ष्य बनाकर हमें शिक्षा ग्रहण करना चाहिए इस दुनिया में जो भी संभव है वह शिक्षा से ही है ,श्रीपाल एच आई ने शांति भोज में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा हमारी समाज अब किसी भी मायने में कम नहीं है हम शिक्षा के बल पर ही अपने को मजबूत और सुरक्षित रहेंगे नहीं तो हमारा जैसे पूर्व में शोषण होता रहा वैसे आज भी शोषण होगा हमारी समाज और हम सम्मान के साथ समझौता ना कभी किया है ना करेंगे राजकुमार मास्टर ड़ूड़ी ने कहा समाज में परिवर्तन आवश्यक है हमारी भी समाज में लोग विद्वान पढ़े-लिखे जानकार हैं हमें उनके पद चिन्हों पर चलना है यही हमारे देश की संस्कृति है गोपीनाथ रावत ने अपने वक्तव्य में कहा कि जो समाज को जागरूक और जानकारी दे रहे हैं ऐसे महामानव आदरणीय अरविंद गुरुजी धमसादीन गुरुजी रामधनी गुरुजी बधाई के पात्र हैं हमारी समाज को इनसे सीख और प्रेरणा लेनी चाहिए जो निस्वार्थ भाव से हम सभी अज्ञानी को ज्ञान बांटने का काम समाज में कर रहे हैं डॉ गंगा प्रसाद मौर्य ने कहा कि शिक्षा वह शेरनी का दूध है जिसे पीने से दौड़ना आ जाता है इसलिए शिक्षा पर हमारी समाज को ध्यान देना चाहिए जो भी कुछ बना है चाहे सरकारी अफसर हो चाहे इंजीनियर हो चाहे डॉक्टर हो चाहे मास्टर हो वह सब शिक्षा के बल पर ही बने हैं इसलिए शिक्षा का महत्व समझे और अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा शिक्षा दें । डॉ मनीराम शास्त्री ने समाज को बहुत कुछ अपने वक्तव्य में बताया जिसका वर्णन शब्दों के माध्यम से किया ही नहीं किया जा सकता अनुसूचित जाति के पंडित कहे जाते हैं इस शांति भोज में हनुमान प्रसाद ,डॉ रामप्रकाश यादव, रामसरन गौतम, रामनाथ मास्टर, रामदीन पासी, भाजपा नेता सियाराम रावत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य गंगादीन रावत, प्रहलाद रावत, डॉ परमेश्वर कोरी, राजेंद्र रावत, चंद्र प्रकाश रावत, भागीरथ रावत, पूर्व प्रधान साधू राम ,शिवनाथ यादव, आदि भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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