मथुरा दतिया गोवर्धन रोड़ पर निराश्रित गोबंस गौसाला का पांच दिनों से लगा ताला गाय भूखी प्यासी बिलख रही हैं – बहुजन इंडिया 24 न्यूज

मथुरा दतिया गोवर्धन रोड़ पर निराश्रित गोबंस गौसाला का पांच दिनों से लगा ताला गाय भूखी प्यासी बिलख रही हैं

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मथुरा दतिया गोवर्धन रोड़ पर निराश्रित गोबंस गौसाला का पांच दिनों से लगा ताला गाय भूखी प्यासी बिलख रही हैं

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संवाददाता :  : मथुरा : :विजय कुमार :: मथुरा दतिया गोवर्धन रोड़ पर निराश्रित गोबंस गौसाला का पांच दिनों से लगा ताला गाय भूखी प्यासी बिलख रही हैं
मथुरा.दतिया गोवर्धन रोड़ पर निराश्रित गोबंस गौसाला का पांच दिनों से लगा ताला गाय भूखी प्यासी बिलख रही हैं। गांव के लोगों में भारी आक्रोश मथुरा। ग्राम पंचायत दतिया गोवर्धन रोड़ पर निराश्रित गोबंस गौसाला का पांच दिनों से लगाया ताला गाय पांच दिनों से भूखी प्यासी अंदर बंद हैं। आखिर कोन है इस गौसाला का मालिक,गांव के लोगों का कहना है कि पूर्व प्रमुख पन्ना लाल गौतम ने 2019 में खसरा नं 352 को अवैध तरीके से प्रस्ताव पास करा कर ग्राम समाज की जमीन और कुमरगड़ा खसरा नं 355 व पुरानी तालाब खसरा नं 355 को अपने नाम पर करा लिया है। जिसमे गौसाला के लिए जो जमीन का प्रस्ताव पास हुआ था उसकी आड़ में कई खसराओ पर कब्जा कर लिया है।

बहुजन इंडिया 24 न्यूज़ व बहुजन प्रेरणा दैनिक समाचार पत्र (सम्पादक मुकेश भारती ) मो ० 9336114041)

मथुरा.दतिया गोवर्धन रोड़ पर निराश्रित गोबंस गौसाला का पांच दिनों से लगा ताला गाय भूखी प्यासी बिलख रही हैं। गांव के लोगों में भारी आक्रोश मथुरा। ग्राम पंचायत दतिया गोवर्धन रोड़ पर निराश्रित गोबंस गौसाला का पांच दिनों से लगाया ताला गाय पांच दिनों से भूखी प्यासी अंदर बंद हैं। आखिर कोन है इस गौसाला का मालिक,गांव के लोगों का कहना है कि पूर्व प्रमुख पन्ना लाल गौतम ने 2019 में खसरा नं 352 को अवैध तरीके से प्रस्ताव पास करा कर ग्राम समाज की जमीन और कुमरगड़ा खसरा नं 355 व पुरानी तालाब खसरा नं 355 को अपने नाम पर करा लिया है। जिसमे गौसाला के लिए जो जमीन का प्रस्ताव पास हुआ था उसकी आड़ में कई खसराओ पर कब्जा कर लिया है। जिस तालाब में गांव के पशु व आवारा पशु पानी पिया करते थे। 2019 के बाद उस तालाब वाली जमीन पर गौसाला बना कर उसमे एक कर्मचारी को काम पर रख रखा था। जिसने पिछले पांच दिनों से गौसाला पर ताला लगा रखा है अथवा गाय ऐसी गर्मी में भूखी प्यासी बिलख रही हैं,अंदर न तो चारा है न पानी है। पूर्व प्रधान दतिया बाबू सिंह कुंतल कहते हैं कि पिछले पांच दिनों से गौसाला का ताला नहीं खुला है इसकी हम कड़ी निन्दा करते हैं। साथ ही शासन प्रशासन से अनुरोध है कि गौसाला का ताला खुलवाया जाएं जिससे अंदर बंद गायों को बचाया जा सके,और जो व्यक्ति विशेष इन गायों को मारने का काम कर रहे हैं उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही हो। गांव के लोगों का कहना है कि यहां गौशाला बने लेकिन इस तरीके से गायों को मरने पर मजबूर नहीं किया जाए। इसका जो लोग विरोध कर रहे हैं उनके नाम झूंठें मुकदम्मे लगवा दिए हैं और जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं उन लोगों को डराया धमका जा रहे हैं।

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