अनुसूचित जाति पत्रकार के साथ हिंसा व उत्पीड़न और यातना व संगठित हिंसा में न्याय का लिये आज भी संघर्ष जारी – बहुजन इंडिया 24 न्यूज

अनुसूचित जाति पत्रकार के साथ हिंसा व उत्पीड़न और यातना व संगठित हिंसा में न्याय का लिये आज भी संघर्ष जारी

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Santosh Gautam Journlist Jaunpur

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अनुसूचित जाति पत्रकार के साथ हिंसा व उत्पीड़न और यातना व संगठित हिंसा में न्याय का लिये आज भी संघर्ष जारी। राष्ट्रीय मानवाधिकार से न्याय दिलाने की आस  पीड़ित पत्रकार ने राष्ट्रीय मानवाधिकार के समक्ष कार्यवाही में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया और बताया कि

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मेरा नाम संतोष कुमार मैंने एलएलबी तक की शिक्षा ली है अनुसूचित जाति का चमार हूं मेरे दो बेटे आदित्य अजीतऔर दो बेटियां उजाला आईसू हैं मेरा खुद का गैलेक्सी फार्म जिसकी आमदनी से मैं अपने परिवार का भरण पोषण करता हूं मैं ग्राम सभा सवंसा थाना महाराजगंज जिला जौनपुर का मूल निवासी हूं हमें नहीं मालूम था कि दलित होने की कीमत मेरे पूरे परिवार को चुकानी पड़ेगी हमेशा की तरह 18 मार्च 2021 को मैं अपने फार्म पर बदलापुर गया था। मेरी पत्नी रेशमा और बच्चे घर पर ही थे तकरीबन 10 और11 बजे के करीब यदुवेंद्र प्रताप सिंह पुत्र भानु प्रताप सिंह के सहयोगी सनी सिंह उर्फ गोलू सिंह पुत्र अवधेश सिंह आये  मेरे 12 वर्षीय आदित्य को बोले जाओ मेरा सामान ला दो मेरा बेटे ने सामान लाने से इंकार किया इसी पर शनि ने कहा चमार साले तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई ।

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साले तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मना करने की या कहती हुए वह उसे मारने लगा तभी मेरी पत्नी रेशमा गई उसने इसका विरोध किया तो वह उसे भी भला बुरा कर बदतमीजी करने लगा मेरी पत्नी ने उसी वक्त 112 नंबर पुलिस को फोन कर मदद मांगी मौके पर पुलिस आई उसे थाने जाकर तहरीर देने के लिए कहा मेरी पत्नी थाने गए जिस पर गोलू सिंह के ऊपर 151 के तहत चालान किया गया मैं शाम को काम से वापस आया तो बातें मुझे पता चली यह सब सुनकर मुझे बहुत तकलीफ हुई रोज की तरह 25 मार्च 2021 को मैं अपने फार्म पर बदलापुर गया था तभी यह तो यदुवेंद्र प्रताप सिंह अपने सहयोगी सनी सिंह उर्फ गोलू सिंह के साथ आए वह मेरी पत्नी रेशमा को जातिसूचक गाली देकर बोले तुम मजदूर हो तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई कि मेरी पत्नी के खिलाफ पंचायत चुनाव में खड़े होने की वह लड़की तुम बैठ जाओ जब मेरी पत्नी ने मना किया तो वह उसे लात घूंसे से मारने लगा मेरी पत्नी ने तुरंत 112 नंबर पुलिस को फोन किया तो वह लोग घर के बाहर बने हुए बकरों को उठा ले गए मौके पर पुलिस आई बोली जाकर थाने में तहरीर दीजिए पत्नी इतनी डरी हुई थी वह थाने पर नहीं गई मैं बदलापुर से वापस आए तो मेरी पत्नी रो-रो को सारी बात मुझसे बताई रात अधिक हो चुकी थी मैंने कहा सुबह थाने पर चलेंगे तभी दूसरे दिन सुबह जितेंद्र प्रताप अपने साथियों के साथ आए बोली अगर मेरे खिलाफ कहीं भी शिकायत की तो तुम्हें जान से मरवा देंगेमैं उन लोगों की धमकी से डरा नहीं मैं अपनी पत्नी को लेकर थाने गया यह तो अंदर और उनके साथियों के खिलाफ तहरीर दी लेकिन स्थानीय थाने कोई कार्यवाही नहीं हुई मैंने उसी दिन रजिस्टर्ड डाक द्वारा दुबारा पुलिस अधीक्षक महोदय को चिट्ठी भेजी लेकिन उस वक्त कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई पंचायत चुनाव में अंदर प्रताप की पत्नी अनामिका सिंह की जीत हुई उसके बाद यह धंधा प्रताप गांव के दलितों को जीना हराम करने लगा जिससे तंग आकर 25 जून 2021 को पुलिस अधीक्षक महोदय के यहां जाकर गांव वाले ने गुहार लगाए जिसकी खबर पीड़ितों के बयान सहित बहुजन इंडिया 24 न्यूज़ पोर्टल पर चलाई 26 जून 2021 को मैं अपनी मोटरसाइकिल से चंद्रशेखर के साथ बी पी की दवा लेकर वापस आ रहा था बाजार के आगे साईं बाबा मंदिर पुलिया के पास पहुंचा था तभी सामने से सनी उर्फ गोलू सिंह पुत्र गणेश सिंह अतुल सिंह पुत्र स्वर्गीय श्री सौरव सिंह पुत्र शशि प्रकाश सिंह सचिन पुत्र विनोद सिंह हॉकी से लैस होकर आकर मेरी गाड़ी रोक कर बोले अब देखना है कैसे खबर चलाओगे यह कहते हुए मेरे दोनों हाथ पर उन लोगों ने कहा कि मारा मेरे साथ उन लोगों ने चंद शेखर को मारा चंद्रशेखर तुरंत वहीं गिर गया मैं भी किसी तरह वहां से उठकर अपनी जान बचाते हुए बाजार की ओर भागने लगा तो उधर से यह दो अंदर प्रताप सिंह अपने साथी निखिल सिंह पुत्र विनोद सिंह सुरजीत वाह विभूति सिंह पुत्र गढ़ भानु प्रताप सिंह के साथ था कि लेकर आए और मुझे जमीन पर गिरा कर मेरी घुटनों पर हाथ इसे पूरी तरह मारने लगे मैं चीखने चिल्लाने लगा तो उन लोगों ने कहा अब तू खबर चलाने के लिए जिंदा नहीं बचेगा उन लोगों ने मेरा ₹5000 छीनकर मेरा मल्टीमीडिया फोन तोड़ कर मेरे पूरे बदन पर मुझे बुरी तरह मारा जब मैं बेहोश हो गया तो वह लोग उसी हालत में हमें वहां से छोड़कर भाग गए हम वहीं पर पड़े थे तभी चंद्रशेखर की नाबालिग बेटी शिवानी आई हमारी हालत देखकर वह चिल्लाने लगे मेरे पापा और चाचा को बजाओ उसकी आवाज सुनकर गांव के लोग आएं हमें चारपाई पर लिटा कर घर ले गए।

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वहीं से 112 नंबर पुलिस को फोन किया गया पुलिस मौके पर आए हमारी हालत देखकर हमें सामुदायिक केंद्र ले गए जहां हमें सुई दवा दी गई वहां से परिवार के सहयोग से हम थाने के थाना अध्यक्ष महोदय ने हमारी हालत देखकर कहा ऐसी खबर चलाओगे तो यही दशा होगी उनकी बात सुनकर मुझे बहुत तकलीफ हुई हम लोगों ने तहरीर दिया तो थानाध्यक्ष संतोष राय ने कहा इसमें भाजपा के मंडल अध्यक्ष यादवेंद्र प्रताप सिंह का नाम हटा दोतभी एफ आई आर दर्ज होगा थाना अध्यक्ष का व्यवहार देखकर मुझे बहुत तकलीफ हुई उसी वक्त थाने पर क्षेत्राधिकारी बदलापुर आ गए उनका कहना था कि ऊपरी भाजपा नेताओं का दबाव है सुंदर प्रताप का नाम हटा दो तभी तुम्हारी सुनवाई होगी तकरीबन 1:30 बजे रात तक हम लोगों पर यह सुंदर प्रताप का नाम हटाने का दबाव बनाता रहा हमें उस वक्त यह भी धमकी दी गई थी अगर नाम ऑफिस नहीं लोगे तो तुम पर कई फर्जी मुकदमे लगा कर तुम पर गैंगस्टर लगा देंगे मैं उस वक्त बहुत तकलीफ में था दर्द से मेरी जान निकल रही थी लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारा अब थाना अध्यक्ष ने कहा अभी वर्दी उतारकर तुम्हें मार कर तुम्हारी हत्या करवा दूंगा कुछ नहीं होगा बहुत होगा मेरा तबादला हो जाएगा जब मैं नहीं माना तो मुझे उठा कर हवालात में डाल कर मुझे धमकाया गया प्रताड़ित किया गया यह भी कहा गया कि तुम्हारे जैसे चैनल वाले की हत्या हो जाती चमार साले तुम चाहे कुछ भी करो हम तुम्हारा f.i.r. नहीं लेकर गए तकरीबन 2:00 बजे रात क्षेत्राधिकारी महोदय वापिस गए इसके बाद 108 नंबर पुलिस की मदद से परिवार वाले मुझे समुदाय केंद्र महाराजगंज जिले के वहां से रेफर करा कर जिला चिकित्सालय जौनपुर भर्ती कराने ले गये।

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Mukesh Bharti: Chief Editor-बहुजन इंडिया 24 न्यूज़

पुलिस केस होने की वजह से वहां भर्ती नहीं किया गया वहां से अपर पुलिस अधीक्षक जौनपुर के यहां गए उनके आदेश पर लाइन बाजार थाना की मदद से मुझे भर्ती किया गया मैं 10 दिन तक अस्पताल में भर्ती रात 7 जुलाई 2021 को मैं डिस्चार्ज हूं वहां भी मेरे साथ ही रह वाली की गई मेरे दोनों घुटने और पैर पैर फैक्चर था लेकिन मेरे बाएं पैर पर प्लास्टर बांधा गया उसका मेडिकल हुआ लेकिन दाहिने पैर पर ना प्लास्टर बंधा गया ना मेडिकल हुआ उस वक्त तकलीफ से जान निकल रही थी सीएमओ साहब के आदेश पर दाहिने पैर पर प्लास्टर बाद लेकिन नहीं कराए गए बहुत ही जा तो चाहत के बाद 17 जुलाई 2021 को 2:15 पर गंभीर धाराओं में अपराध संख्या 120 बटा 2021 दर्ज किया गया धारा 323 504 506427 392 sc-st जिसके बाद उसी दिन स्थानीय थाने पर यदुवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने नौकर धर्मेंद्र पुत्र भारत विशाल धोबी पुत्र धर्मेंद्र धोबी की मदद से स्थानीय थाने पर 3:13 पर मेरे खिलाफ तहरीर देकर फर्जी मुकदमा पंजीकृत कराया 26 जून 2021 को मैं धर्मेंद्र के घर जाकर उसकी पत्नी के साथ गाली गलौज किया जिस पर वह लोग हमें खोजती हो नहर पर पहुंचे वहां से भागने लगा गाड़ी आनियंत्रण हो गई या लिखकर उन लोगों ने मुझ पर गंभीर आरोप लगाकर कूट रचना तहत विशाल धोबी अपनी मां शारदा देवी को इस करके छेड़छाड़ का फर्जी एफ आई आर दर्ज कराया है जिसका f.i.r. 122 /2021 धारा 323 504 506 452 354है 26 जून को मैं मौके पर धर्मेंद्र भारत वहां पर नहीं थी।

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Santosh Kumar Gautam
Santosh Kumar Gautam Distt. Bureau Chief- Jaunpur UP

मेरा केस कमजोर पड़ जाए यह यादवेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी दबंगई से अपने नौकर के सहयोग से मुझ पर बेबुनियाद तरीके से f.i.r. दर्ज किया यह सब 19 जुलाई 2021 को इस मेरा बयान दर्ज करवाने क्षेत्राधिकारी महोदय मेरे घर आए मैंने पांच से 7 पेज का बयान दर्ज करवाया गवाहों ने भी बयान दर्ज किया लेकिन क्षेत्राधिकारी महोदय ने उसे संगलन नहीं किया बल्कि मुझ पर भी वजह f.i.r. और दर्ज किया गया यह है कि मैंने 22 जून 2021 को भारत धोबी को पोते प्रीतम रजक को मारा जबकि 22 और 23 और 24 को मैं गांव में था ही नहीं सिकरारा में रिश्तेदार के यहां मिट्टी हो गई थी मैं उसी में शामिल होने के लिए गया था मैंने अपनी तहरीर में भाजपा के मंडल अध्यक्ष यदुवेंद्रप्रताप सिंह का नाम नहीं हटवाया इस वजह से आए दिन यादवेंद्रउनके सहयोगी मेरे घर में घुसकर और मेरे परिवार पर हमला कर रहे हैं 20 अगस्त 2021 को तकरीबन 9:00 बजे मेरे घर में घुसकर पूरे परिवार को बुरी तरह मारा हम थाने गई लेकिन हमेशा की तरफ हमारी सुनवाई नहीं हुई हम जिलाधिकारी महोदय के यहां गए उनके आदेश पर हम पांचों का मेडिकल मुआयना हुआ पूरे परिवार का लेकिन एफ आई आर दर्ज नहीं हुआ उसी रात 8:00 बजे हम जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठ कर अगस्त को 32 लोगों ने जिलाधिकारी महोदय को यादव अंदर प्रताप सिंह और उनके योगी के खिलाफ हलफनामा देकर बोला गया कि सभी आरोपी पर कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जाए लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थाना अध्यक्ष महोदय जी का कहना था कि जब तक आपका नाम नहीं बताओगे तब तक कोई कार्यवाही नहीं होगी थानाध्यक्ष महोदय को जिलाधिकारी कार्यालय पर आकर हमें प्रताड़ित हटाने की कोशिश करते हम वहां से नहीं हटे 20 सितंबर 2021 को माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे को देखते हुए 20 सितंबर को 1:30 से 2:00 बजे जिलाधिकारी कार्यालय की पूरी लाइट बुझा कर थाना अध्यक्ष महाराजगंज संतोष राय द्वारा पूरे फोर्स के सहयोग से मुझे और मेरी पत्नी की जांच सूचक शब्दों से अपमानित करते हुए जबरन उठा ले जाने लगे जब मैंने इसका विरोध किया तो वह लोग मेरा और मेरी पत्नी का मोबाइल छीनकर मानते बेटे को जबरदस्ती उठाकर जिला चिकित्सालय ले गई वहां भर्ती के नाम पर हम लोगों को नजरबंद किया गया।

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दो सिपाही दिन भर दो सिपाही रात भर अस्पताल में हमारी निगरानी कर हम पर नजर रखने लगी 29 सितंबर 2021 को मैंने वहां के डॉक्टर से बोला हमें अस्पताल में नहीं रहना जिस पर वहां से मुझे डिस्चार्ज किया गया मैंने पुलिस अधीक्षक महोदय और जिलाधिकारी महोदय के यहां जाकर मदद की गुहार लगाई जिस पर वहां से आश्वासन दिया गए अब आप पर कोई हमला नहीं करेगा मैं डरु बस घर पर नहीं किया मैं जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर रहकर अस्पताल में जाकर अपने पैरों टूटे हुए हड्डियों की सिकाई कर आता था धनतेरस वाले दिन 3 नवंबर 2021 को मेरे बच्चे की तबीयत अचानक खराब हो गई यह खबर मुझे मिली मैं तुरंत थानाध्यक्ष महाराजगंज को जाकर प्रार्थना पत्र दिया कर मैं घर पर रहने जा रहा हूं मेरी सुरक्षा की जाए जिस पर थाना अध्यक्ष महोदय ने आश्वासन दिया कि आप आपके साथ कोई घटना नहीं कटेगी जिसके बावजूद 16 नवंबर 2021 को यदुवेंद्र प्रताप सिंह की सहयोगी सनी सिंह उर्फ गोलू सिंह साथ में यदुवेंद्र प्रताप सिंह के नौकर विशाल धोबी पुत्र धर्मेंद्र मेरे घर आकर मेरे 9 साल की बेटी आईसू से पूछा तुम्हारी मां बाप कहां है इस पर मेरी पत्नी आ गई सनी उर्फ गोलू ने उन लोगों को बहुत मारा पीटा थाने में तहरीर दी है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। माननीय न्यायालय में इस घटना का मुकदमा किया गया है दूसरी घटना 20 नवंबर 2021 की है यदुवेंद्र प्रताप के नौकर विशाल पुत्र धर्मेंद्र रजक ने रात में 8:बजे घर में घुसकर हमें बहुत बुरी तरफ से मारा पीटा इस संबंध में थाने में तहरीर दिया गया जिस पर मुकदमा भी पंजीकृत किया मुकदमा संख्या 200/ 2021 धारा 323 506 427 452=21 नवंबर 2021से 4 फरवरी 2022 तक मुझे पुलिस फोर्स दी गई लेकिन वर्तमान में चुनाव की वजह से अभी कोई सुरक्षा नहीं है मैंने यदुवेंद्र प्रताप सिंह का नाम तहरीर से नहीं हटवाए लेकिन स्थानीय पुलिस ने 4 सीट की पूरी तरह से प्रभावित किया 4 सीट में सभी आरोपी का नाम निकलवा कर धर्मेंद्र भारत और प्रीतम का नाम डाल दिया गया है।

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यदुवेंद्र प्रताप सिंह के नौकर विशाल धोबी पुत्र धर्मेंद्र धोबी गांव की चंद्रशेखर पुत्र बचाई को 22 मार्च 2022 घर में घुसकर बहुत बुरी तरह से मारपीट कर पैसे भी चीन ले गई जिसका मुकदमा माननीय न्यायालय में है और यदुवेंद्र प्रताप सिंह की नौकर विशाल धोबी पुत्र धर्मेंद्र धोबी गांव की संजीत को भी बहुत बुरी तरफ से मारपीट कर घायल किए जिसका मुकदमा न्यायालय में है चार अलग-अलग घटनाओं का मुकदमा विशाल धोबी पुत्र धर्मेंद्र जो यदुवेंद्र प्रताप सिंह के नौकर हैं । माननीय न्यायालय में है ऐसी स्थिति में प्रशासन से मांग की जा रही है कि गुंडा एक्ट की कार्रवाई एवं जिला बदर की कार्यवाही किया जाए यह सब देख कर बहुत दुख हुआ आज लगभग 1 साल से हमें परेशान किया जा रहा स्थानी पुलिस और दबंगों की वजह से हर वक्त मेरा परिवार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित हो रहा है।  हमने कभी सोचा नहीं था कि हमें यह दिन देखना पड़ेगा दलित होने का इतना बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा आज भी यह घटना आंखों के सामने नजर आती है कहीं आने जाने का मन नहीं करता काम धाम सब प्रभावित हो गया है अब पुलिस प्रशासन का कोई सहयोग न मिलने से हमेशा डर बना है इसी फिक्र में हमें नींद नहीं आती मैं चाहता हूं कि जिन लोगों ने हमें आज तक प्रभावित किया है उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो जिससे मुझे न्याय सुरक्षा मिले पत्रकार होने के कारण उपरोक्त कई मामलों का खबर निकालने के बाद उक्त घटनाओं का सामना करना पड़ा सभी मामले को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय मानवाधिकार भारत सरकार गठित टीम से जांच कराई जा रही है ।


संघर्षरत पीड़ित पत्रकार संतोष कुमार ग्राम सवंसा थाना महाराजगंज जिला जौनपुर उत्तर प्रदेश। संपर्क सूत्र 9236746841

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