बलरामपुर:; स्वरोजगार के सपनों पर बैंकों के नियमों का रोड़ा – बहुजन इंडिया 24 न्यूज

बलरामपुर:; स्वरोजगार के सपनों पर बैंकों के नियमों का रोड़ा

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 बहुजन इंडिया 24 न्यूज व बहुजन प्रेरणा दैनिक हिंदी समाचार पत्र ( सम्पादक मुकेश भारती ) 9161507983

बलरामपुर : : ( बी०पी० बौद्ध – ब्यूरो रिपोर्ट)


बलरामपुर:; स्वरोजगार के सपनों पर बैंकों के नियमों का रोड़ा
स्वरोजगार के सपनों पर बैंकों के नियमों का रोड़ा तीन योजनाओं में 127 लक्ष्य, आवेदन 25 और 11 को मिला कर्ज जनपद के नयानगर निवासी हनुमंत लाल ने मोबाइल मरम्मत के स्वारोजगार के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वारोजगार योजनान्तर्गत लाभ पाने का आवेदन किया था। मगर ग्रामीण बैंक उतरौला शाखा ने उन्हें कर्ज देने से मना कर दिया गया। वहीं, विशम्भरपुर के नीलेश कुमार ने शटरिंग कार्य हेतु पाँच लाख रुपये कर्ज के लिए आवेदन किया था। मगर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी तरह उतरौला के मोहम्मद शादाब हासमी ने फर्नीचर की दुकान को बढ़ाने के लिए दो लाख ऋण माँगा था। लुचईया के राजेन्द्र प्रसाद ने शटरिंग कार्य के लिए आवेदन किया, लेकिन ग्रामीण बैंक बलरामपुर शाखा ने पाँच लाख रुपये कर्ज देने से मना कर दिया। फुलवरिया की अमित गुप्ता ने नमकीन उद्योग के लिए आवेदन किया था। बैंक ने दो लाख रुपये की पत्रावली लौटा दी। बिजलीपुर की अनुपमा मिश्रा ने सिलाई का कारोबार करने के लिए आवेदन किया, लेकिन कैनरा बैंक ने पत्रावली अस्वीकृत कर दी। जिला उद्योग बंधु कार्यालय में बैंकों से वापस की गई अधिकांश पत्रावलियों में कारण कार्यक्षेत्र से बाहर का होना बताया गया। जो बैंकों की उदाशीनता को दर्शाता है। ऐसे में योजना का लाभ पाने के लिए लाभार्थी भटक रहें हैं। 25 में शिर्फ 11 लाभार्थी को मिला कर्जा जनपद में मुख्यमंत्री युवा स्वारोजगार, प्रधानमंत्री स्वारोजगार व एक जिला एक उत्पाद योजना लागू है। सभी का अलग अलग लक्ष्य तय करके बजट आवंटित कर दिया गया है। लक्ष्य के सापेक्ष आवेदन जिला उद्योग केन्द्र कार्यालय में लोग करते हैं। लेकिन बैंकों की बहानेबाजी के कारण स्वारोजगार का सपना अधूरा ही रह जाता है। उपरोक्त तीनों योजनाओं के लिए 25 लोगों ने आवेदन किया था। इसमें से प्रधानमंत्री स्वारोजगार योजना में नौ, मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना में एक, और एक जिला एक उत्पाद के लिए एक आवेदक को बैंक से धन मिला। रोड़ा लगा रहे बैंक जिला उद्योग केन्द्र के उपायुक्त राजेश पाण्डेय का कहना है कि तीनों योजनाओं में 127 का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके सापेक्ष आवेदन प्राप्त करके विभिन्न बैंकों को स्वीकृति के लिए पत्रावलियां भेजी गईं। इनमें से अधिकांश में कार्य क्षेत्र का रोड़ा लगाकर लौटा दिया गया। कार्य क्षेत्र का रखें ध्यान: जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक डॉ० एन०आर० विश्नोई का कहना है कि सभी बैंक शाखाओं का कार्य क्षेत्र तय हैं। आवेदन भेजते समय कार्य क्षेत्र का ध्यान रखने से ही अधिक लोगों को योजना का लाभ मिलेगा। बैंक नियमों का पालन करते हुए पत्रावली मंजूर की जाती हैं।


खबर संकलन– बी०पी० बौद्ध
जिला ब्यूरो चीफ
बलरामपुर

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