अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार द्वारा किसानों के बीच उर्वरकों के उपयोग के बारे में जागरूकता पैदा करना हैं
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संवाददाता : : मेरठ :: शिव कुमार :: अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार द्वारा किसानों के बीच उर्वरकों के उपयोग के बारे में जागरूकता पैदा करना हैं
दिनांक 21-04-2022 को भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम द्वारा ग्राम जंगेठी में “उर्वरकों एवं नैनो-उर्वरकों के कुशल एवं संतुलित उपयोग” पर राष्ट्र स्तरीय अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार द्वारा किसानों के बीच उर्वरकों के उपयोग के बारे में जागरूकता पैदा करना हैं। कार्यक्रम संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. अमृत लाल मीणा ने किसानों को उर्वरकों के उपयोग की 5आर तकनिकी (राइट सोर्स, राइट टाइम, राइट रेट, राइट प्लेस and राइट कॉम्बिनेशन) के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने किसान भाइयों को जानकारी दी की उर्वरकों के संतुलित उपयोग से किसान भाई ना सिर्फ अच्छा उत्पादन ले सकते हैं, बल्कि फ़र्टिलाइज़र से भूमि, जल, पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर होने वाले विपरीत प्रभावो से भी बचाव किया जा सकता हैं। डॉ देबाशीष दत्ता प्रधान वैज्ञानिक ने नेनो उर्वरकों के उपयोग के बारे में किसानों को जानकारी दी। डॉ. दत्ता ने कहा की नेनो उर्वरक वर्तमान समय में फसल उत्पादन के लिए एक बेहतर विकल्प के रूप में सामने आ रहे हैं।इस मौके पर समरवीर सिंह, उमाशंकर पाण्डेय एवं शिव कुमार आदि भी मौजूद रहें।
बहुजन इंडिया 24 न्यूज़ व बहुजन प्रेरणा दैनिक समाचार पत्र (सम्पादक मुकेश भारती ) 9161507983
दिनांक 21-04-2022 को भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम द्वारा ग्राम जंगेठी में “उर्वरकों एवं नैनो-उर्वरकों के कुशल एवं संतुलित उपयोग” पर राष्ट्र स्तरीय अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार द्वारा किसानों के बीच उर्वरकों के उपयोग के बारे में जागरूकता पैदा करना हैं। कार्यक्रम संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. अमृत लाल मीणा ने किसानों को उर्वरकों के उपयोग की 5आर तकनिकी (राइट सोर्स, राइट टाइम, राइट रेट, राइट प्लेस and राइट कॉम्बिनेशन) के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने किसान भाइयों को जानकारी दी की उर्वरकों के संतुलित उपयोग से किसान भाई ना सिर्फ अच्छा उत्पादन ले सकते हैं, बल्कि फ़र्टिलाइज़र से भूमि, जल, पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर होने वाले विपरीत प्रभावो से भी बचाव किया जा सकता हैं। डॉ देबाशीष दत्ता प्रधान वैज्ञानिक ने नेनो उर्वरकों के उपयोग के बारे में किसानों को जानकारी दी। डॉ. दत्ता ने कहा की नेनो उर्वरक वर्तमान समय में फसल उत्पादन के लिए एक बेहतर विकल्प के रूप में सामने आ रहे हैं।इस मौके पर समरवीर सिंह, उमाशंकर पाण्डेय एवं शिव कुमार आदि भी मौजूद रहें।
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