01 जुलाई से 31 जुलाई तक शासन स्तर से संचारी रोग नियंत्रण अभियान क्रियान्वयन होगा
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संवाददाता : : मैनपुरी :: अवनीश कुमार :: 01 जुलाई से 31 जुलाई तक शासन स्तर से संचारी रोग नियंत्रण अभियान क्रियान्वयन होगा
मैनपुरी – कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि दि. 01 जुलाई से 31 जुलाई तक शासन स्तर से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होने कृषकों से कहा है कि चूहों, छछॅूदर के द्वारा फसलों में 10-15 प्रतिशत क्षति व मनुष्यों में प्लेग, स्क्रव टाइफस इत्यादि रोग फैलते हैं। उन्होने बताया कि चूहा एवं छछूॅदर नियंत्रण की 06 दिवसीय कायर्योजना बनायी गयी है। जिसमें प्रथम दिन आवासीय घरों एवं आस-पास के क्षेत्रों का निरीक्षण एवं बिलों को बंद करते हुये चिन्हित करें। द्वितीय दिन निरीक्षण करके जो बिल बंद हो वहां चिन्ह मिटा दें। जहां पर बिल खुले पाये जायें वहां चिन्ह रहने दें, खुले बिल में एक भाग सरसों का तेल एवं 48 भाग भुने दाने का चारा मिला जहर मिलायें बिल में रखें। तीसरे दिन बिलों का निरीक्षण कर बिना जहर का चारा पुनः रखें। चैथे दिन जिंक फास्फाइड 80 प्रतिशत की 1.0 ग्राम मात्रा को 1.0 ग्राम सरसों का तेल एवं 48 ग्राम भुने दाने में बनाये गये चारे को बिल में रखें।
बहुजन इंडिया 24 न्यूज़ व बहुजन प्रेरणा दैनिक समाचार पत्र (सम्पादक मुकेश भारती ) 9161507983
पाॅचवे दिन बिलों का निरीक्षण करें एवं मरे हुए चूहों को एकत्र कर जमीन में गाड़ दें तथा छठवें दिन बिलों को पुनः बंद करें और अगले दिन यदि बिल खुले पाये जायें तो उपरोक्त कायर्क्रम पुनः अपनायें। उक्त योजना के पश्चात बिल खुले पाए जाएं तो उक्त दशा में पुनः 06 दिवसीय योजना को दोहराएं। उन्होने बताया कि मच्छरों द्वारा वर्ष ऋतु में अनेक बीमारियों के वाहक के रूप में कार्य किया जाता है। जमे हुए पानी में मच्छरों के प्रजनन को रोकने और नहरों, तालाबों के किनारे उगी वनस्पतियों को प्रत्येक पखवाड़े हटाये व मच्छर रोधी पौधे यथा रोजमेरी,सिट्रोनेलाग्रास, गेंदा, केटनिप, एग्रेटस, होसर्मिन्ट, नीम, लैवेण्डर, लेमनवाम, लौंग, तुलसी आदि को लगायें। उन्होने कृषकों से कहा है कि किसी भी कीट, रोग व खरपतवार की समस्या के निवारण हेतु व्हाट्स एप नम्बर 9452247111, 9452257111 पर प्रभावित पौधों की फोटो सहित अपनी समस्या व पता लिखकर मैसेज भेजकर 48 घंटे के अंदर निदान हेतु सुझाव प्राप्त करें। तथा निकटतम विकास खंड स्तर पर प्रभारी राजकीय कृषि रक्षा इकाई अथवा जनपद स्तर पर अद्योहस्ताक्षरी कायार्लय से सम्पर्क कर सकते हैं।
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