मैनपुरी में जल्द ईसन नदी को जलकुम्भी से मुक्त किया जाए:– जिलाधिकारी
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संवाददाता : : मैनपुरी :: अवनीश कुमार :: मैनपुरी में जल्द ईसन नदी को जलकुम्भी से मुक्त किया जाए:– जिलाधिकारी
ईसन नदी का जीणोर्द्धार एवं सौन्दयीर्करण के लिए वचनवद्ध – जिलाधिकारी मैनपुरी – जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने आजादी के अमृत महात्सव के महापवर् के अन्तगर्त ईसन नदी का जीणोर्द्धार एवं सौन्दयीर्करण निमार्ण एवं नदी को अस्तित्व में लाने के उद्देश्य से ईसन नदी पुल माॅल के समीप पर ईसन नदी से जलकुम्भी हटाने, नदी के जीणोर्द्धार कायर् का शुभारम्भ करते हुये कहा कि ईसन नदी को जल्द ही नया स्वरूप मिलेगा, ईसन नदी की सफाई का कायर् निरतंर चलेगा, पुलों के नीचे की सफाई लेवर लगाकर करायी जायेगी, ईसन नदी से जलकुम्भी पूरी तरह समाप्त होगी, पाॅकलेन मशीन से जलकुम्भी के साथ- साथ नदी की सफाई का कायर् कराया जायेगा।
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उन्होने कहा कि ईसन नदी की सफाई से इसके जलस्तर में वृद्धि होगी जो शहर के आस-पास के भू-गभर् जलस्तर को सुधारने में सहायक होगी,नदी के जलस्तर में वृद्धि से शहर के आस-पास का भू-गभर् जलस्तर सुधरेगा, किसानों को सिंचाई हेतु संशाधन उपलब्ध होंगे, नदी में पानी की उपलब्धता होने पर किसानों को राहत मिलेगी। उन्होने नदी की सफाई के कायर् में लगे कामिर्कों से कहा कि नदी की सफाई का कायर् पूरे मनोयोग से करें। उन्होने अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका को निदेर्शित करते हुये कहा कि सफाई कायर् में लगे सभी मजदूरों के पास समस्त आवश्यक उपकरण उपलब्ध रहें, उन्हें जूते, ग्लब्स आदि उपलब्ध कराये जायें, आबादी के पास होने के कारण नदी में सफाई के दौरान कांच की शीशियां, सिरिंज आदि निकलने की सम्भावना हैं, इसलिए सफाई के कायर् में पूरी सतकर्ता बरती जाये।श्री सिंह ने कहा कि नदियां प्रकृति का अनमोल उपहार है, नदियां हमेशा जीवनदायिनी रही है, नदियां बारिश का जल एकत्र कर उसे भू-भाग में पहुंचाने का कायर् करती है, नदियों के किनारे प्राचीन भारत की सभ्यता का विकास हुआ, देश की कई शक्तिशाली नदियों के पानी की स्वच्छता में डुबकी लगाने से हमारे शरीर की नकारात्मक उजार् नष्ट होती है। उन्होने कहा कि नदियां, तालाब, प्राकृतिक जलश्रोत भू-गभर् जल स्तर को बढ़ाने का कायर् करती है साथ ही नदियों के आस-पास का वातावरण साफ-सुथरा रहता है, नदियों में पानी की उपलब्धता रहने से आस-पास का क्षेत्र हरा-भरा होता है साथ ही पशु-पक्षियों को पीने के पानी की उपलब्धता भी बनी रहती है। उन्होंने सभी का आव्हान करते हुये कहा कि नदी के किनारे खुले में शौच न करें, कूड़ा-करकट नदी में न फेंके, नदी को पुराने स्वरूप में लाने के लिए प्रशासन ने नदी से जलकुम्भी को हटाने का कायर् प्रारम्भ किया है।जिलाधिकारी ने कहा कि प्रकृति से छेड़छाड,़ नदियों के आस-पास अनाधिकृत कब्जे, वृक्षों की अंधाधुंध कटाई का ही परिणाम है कि प्रकृति मैं तेजी से असंतुलन बढ़ा रहा है, धरती से अंधाधुंध दोहन के कारण गमीर् ज्यादा पड़ रही है और बारिश लगातार घट रही है, हमें धरती को पुराने स्वरूप में लाने के लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है, पानी की अधिक बबार्दी आने वाले समय में विकराल रूप धारण करेगी, पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से पयार्वरण प्रदूषित होगा, नदियों में गंदगी डालने से उनका स्वरुप बदलेगा, पॉलिथीन सवर्नाश की जड़ है फिर भी लोग इसके प्रयोग से परहेज नहीं कर रहे, जानबूझ कर जल का दोहन कर दुरुपयोग कर रहे हैं हम सब को सजग रहना होगा अन्यथा इसके भयावह परिणाम सामने होंगे। नहरों, तालाबों, नदियों के किनारे अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर, तालाबों, नहरों की सफाई कराकर शहर की जीवनदायिनी ईशन नदी को स्वच्छ बनाने, नदी की संरक्षित करने की दिशा में कायर् करना होगा। इस दौरान पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित, उप जिलाधिकारी सदर नवोदिता शमार्, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका लालचन्द भारती आदि उपस्थित रहे।
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