आखिर दलित समाज को ईसाई बनाने में क्यूँ तुले है ईसाई धर्म के ठेकेदार, इलाज के नाम पर धर्मांतरण का खेल
1 min read
|
😊 Please Share This News 😊
|
धर्मांतरण कराने वाले पादरी गिरफ्तार, पूरे देश में चल रहा है खेल
निघासन -लखीमपुर।Lakhimpur Kheeri: जनपद में करीब दो दशक ईसाई धर्मांतरण का खेल चल रहा है कभी इलाज के नाम पर तो कभी नौकरी व शिक्षा के नाम पर प्रशासन और जिम्मेदार क्यों रहते है मौन बड़ी साजिश के साथ खेला जा रहा है खेल इस खेल में विदेशी ताकतों के साथ साथ कुछ राजनितिक लोगो का भी हाथ है। विदेशी ताकते विश्व में ईसाईयत लाना चाहती है जबकि राजनितिक ताकते भभिष्य के लिये अपना वोट बैंक तैयार करने में जुटी है। षणयंत्रकारी ताकते बहुजन मिशन में सेंध मारना चाहती है। बहुजन समाज के शोषित पीड़ित और कम पढ़े लिखे व आर्थिक रूप से कमजोर लोगो को अपना निशाना बना रही है।
आखिर दलित समाज को ईसाई बनाने में क्यूँ तुले है ईसाई धर्म के ठेकेदार, इलाज के नाम पर धर्मांतरण का खेल
दर्द और घुटने के इलाज के नाम पर ईसाई मिशनरी के पादरी लोग धर्म सभाओं के माध्यम से लोगो में भ्रम फैला रहे है और कम पढ़े लिखे व आर्थिक रूप से कमजोर लोग इसका शिकार हो रहे है। बहुजन समाज के लोग दर्द और घुटने के इलाज के नाम पर प्रार्थना धर्म सभा में जाते है और चमत्कारी इलाज से प्रभावित होते है और धीरे धीरे ईसाई धर्म में आस्थावान हो जाते है जिसके परिणाम-स्वरूप ईसाई धर्म ग्रहण कर लेते है और अपने ही जाति और धर्म संस्कृति से दूर चले जाते है उनको कुछ पता ही नहीं चल पाता कब पश्चात संस्कृति अपना लिये।
बहुजन समाज को ईसाई धर्म स्वीकार करने परिणाम
बहुजन समाज पहले ही शोषित, पीड़ित, वंचित और सर्वहारा समाज था बाबा साहेब ने संविधानिक अधिकार दिलाकर और आरक्षण का प्राविधान करके शोषित, पीड़ित, वंचित और सर्वहारा समाज को मुख्य धारा में लेकर इस देश का शासक बनाना चाहते थे इसलिए उन्होंने स्वयं कोई विदेशी धर्म नहीं ग्रहण किया था बल्कि बौद्ध धम्म स्वीकार किया। ईसाई धर्म भारत में अल्पसंख्यक धर्म का दर्जा प्राप्त है इसको भारतीय संस्कृति और सभ्यता से अलग माना गया है जिसको जातीय एवं वर्गीय आरक्षण का लाभ नहीं मिलता है केवल अल्पसंख्यक कोटा प्राप्त है। सामान्य तौर पर सरकारी नौकरी और राजनितिक आरक्षण का लाभ अल्पसंख्यक धर्म को नहीं मिलता है। ऐसे में कोई चमार जाटव धोबी खटीक कोरी विरादरी का पढ़ा लिखा व्यक्ति ईसाई धर्म ग्रहण कर लेता है तो उसको सामान्य आरक्षण का लाभ न मिलकर केवल अल्पसंख्यक कोटे का लाभ मिलेगा; दोनों प्रकार के लाभ को लेने का अधिकारी एक व्यक्ति एक साथ नहीं ले सकता। इससे साफ है कि शोषित, पीड़ित, वंचित और सर्वहारा समाज को ईसाई धर्मांतरण कराके संविधानिक आरक्षण के अधिकार से वंचित करना चाहते है बहुसंख्यक होने के बाबजूद अल्पसंख्यक हो जायें जिससे इनको भभिष्य में गुलाम बनाकर रखा जा सके।
धर्मांतरण से जुड़ा मामला यूपी के जनपद लखीमपुर खीरी के थाना क्षेत्र निघासन के दौलतापुर गांव में प्रकाश में आया। दौलतापुर गांव सभा के दयाराम के घर के सामने शुक्रवार दिनांक 19 अगस्त 2022 को पांडाल लगाकर ईसाई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। ग्रामीणों के अनुसार इसमें पंजाब से भी कुछ ईसाई धर्म प्रचारक आए थे। वहां साउंड और लाउडस्पीकर लगाकर पहले तो ईसाई धर्म से जुड़े प्रार्थना सभा की उसके बाद भजन और प्रवचन दिये गये । इसके बाद आयोजकों ने ईसाई धर्म की तमाम खासियत बताकर इसे स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया ।
लखीमपुर खीरी के निघासन के दौलतापुर गांव में ईसाई समुदाय से जुड़े लोगों पर ग्रामीणों और हिंदूवादी संघठनों ने शुक्रवार को लालच देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया है। जिसकी सूचना निघासन थाना की पुलिस को दी। बिना अनुमति चल रहे कार्यक्रम को पुलिस ने रुकवा दिया। पुलिस ने दो लोगों को पकड़कर शांतिभंग की आशंका में चालान किया है।इसके बाद जनपद के विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी कार्यक्रम स्थल जा पहुंचे। ग्राम प्रधान दीपक जायसवाल, महेश पांडे, राहुल जायसवाल, राजेंद्र मौर्य, घनश्याम और नागेश आदि ने बताया कि इसमें पंजाब से भी कुछ ईसाई धर्म प्रचारक पिछले कई महिने से चोरी छिपे धर्मांतरण के काम में लिप्त थे। आयोजकों ने ईसाई धर्म की तमाम खासियत बताकर इसे स्वीकार करने को कहा। ग्रामीणों का आरोप है कि वहां इकट्ठा सैकड़ों लोगों को असाध्य रोग ठीक करने तथा आर्थिक मदद का प्रलोभन भी दिया जा रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले करीब सात महीनों से यहां ऐसे कार्यक्रम चल रहे थे। गांव के तीन-चार लोगों ने अपना धर्म बदल भी लिया। सूचना पर सीओ सुबोध जायसवाल, तहसीलदार भीमचंद पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंचे। पुलिस और अफसरों को देखकर वहां मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगे। कार्यक्रम को रुकवाकर पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया। उनका शांतिभंग की आशंका में चालान किया गया है। तहसीलदार भीमचंद ने बताया कि हम लोग पुलिस के साथ गांव गए थे। वहां दयाराम के दरवाजे पर बिना अनुमति भीड़ इकट्ठा करके धर्म प्रचार का कार्यक्रम किया जा रहा था। उसे रोककर आयोजकों निक्का और दयाराम को पुलिस ने हिरासत में लिया है। कोतवाल चंद्रभान यादव ने बताया कि कोई तहरीर नहीं मिली थी। इसलिए शांति भंग में चालान किया है।
जनपद आज़मगढ़ Azamgarh:में ‘चमत्कारी इलाज’ के नाम पर 100 का ईसाई धर्मांतरण, दलित समाज के लोग निशाना: यूपी के 2 जिलों में घटनाएँ, 3 गिरफ्तार
थाना कंधरापुर इलाके में शैतानी आत्मा के इलाज के नाम पर मोहरिल नाम का आरोपित लोगों को जमा करता था। बताया जा रहा है कि मोहरिल अब तक लगभग 100 लोगों को धर्मांतरण करवा चुका है। यूपी पुलिस ने सहारनपुर और आजमगढ़ जिलों ने ईसाई धर्मान्तरण के आरोपितों पर कार्रवाई की है। सहारनपुर में 2 और आज़मगढ़ में 1 आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। दोनों स्थानों पर भोले-भाले ग्रामीणों को प्रार्थना के नाम पर जमा कर के उनके धर्म परिवर्तन का प्रयास किया जा रहा था।
थाना कंधरापुर के क्षेत्र में शैतानी आत्मा के इलाज के नाम पर जुटाई जाती थी भीड़
धर्मांतरण का कड़वा सच : मामला आज़मगढ़ के थाना कंधरापुर के क्षेत्र में रविवार (29 मई, 2022) को प्रकाश में आया। कंधरापुर इलाके में शैतानी आत्मा के इलाज के नाम पर मोहरिल नाम का आरोपित लोगों को जमा करता था। इसके लिए वो एक मकान में बाकायदा बैनर आदि लगा कर सभाएँ करता था। घटना के दिन शिकायत पर मौके पर पहुँची पुलिस तो दर्जनों लोग हाथों में धार्मिक किताबें ले कर प्रार्थना करते नजर आए। पूछने पर मोहरिल ने इसे चंगाई सभा बताया। पुलिस ने मोहरिल को गिरफ्तार कर लिया। आजमगढ़ के SP सिटी के मुताबिक, मोहरिल पर धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत केस दर्ज किया गया है।
जीयनपुर Jiyanpur Azamgarh: में धर्म-परिवर्तन कराता पश्चिम बंगाल का राजू व उसका सहयोगी गिरफ्तार
धर्मांतरण कराने वाले 2 लोगों पर FIR:प्रार्थना सभा के नाम पर कराया जा रहा था धर्मांतरण, लंबे समय से चल रहा था खेल,
आजमगढ़ जिले के जीयनपुर थाना क्षेत्र के मिश्रपुर लाटघाट में राम बचन के घर पर धर्मांतरण कराने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी के रहने वाले राजू व उसके सहयोगी प्रदीप कुमार को ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार करने लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। जीयनपुर के इंस्पेक्टर जितेन्द्र सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके साथ ही आरोपी पर /धारा 3/ 5 धर्म परिवर्तन अधिनियम के तहत FIR दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। जिले में 1 सप्ताह के भीतर धर्मांतरण का दूसरा मामला प्रकाश में आया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले में किस तरह से ईसाई समाज के लोग अपना नेटवर्क फैलाने की कोशिश में लगे हुए हैं।
प्रार्थना सभा में शामिल थी महिलाएं
धर्मांतरण का प्रचार करने वाले यह लोग प्रत्येक मंगलवार को प्रार्थना सभा का आयोजन करते हैं। सबसे खास बात यह है कि यह अपनी प्रार्थना सभा दलित बस्तियों में आयोजित करते हैं, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित होती हैं।एक सप्ताह पहले भी धर्मांतरण का हुआ था खुलासा :जिले में 31 अगस्त 2021 को करतालपुर क्षेत्र में धर्मांतरण करने वाले वाराणसी निवासी राम चन्द्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। राम चन्द्र पर प्रार्थना सभा कर दलित महिलाओं को झाड़-फूंक के बहाने, पैसे का लालच देकर धर्मांतरण करने का आरोप लगा था।
सहारनपुर में धर्मान्तरण 2 गिरफ्तार अन्य साथी फरार
सहारनपुर जिले Saharnpur के बेहट थानाक्षेत्र में धर्मान्तरण के प्रयास में 2 आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया है। एसएसपी सहारनपुर आईपीएस आकाश तोमर ने बताया, “रविवार (29 म,ई 2022) को गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम अजय और अनिल हैं। दोनों ने कुछ दिनों पहले अपना धर्म परिवर्तन कर चुके हैं। साथ ही ये दूसरे लोगों को भी धर्म परिवर्तन के लिए उकसा रहे थे। इसके लिए वो तमाम तरह के लालच भी दे रहे थे। आरोपितों पर धर्मान्तरण विरोधी कानून व अन्य धाराओं के तहत एक्शन लिया जाएगा।”
अजय और अनिल पर दलित समाज के लोगों को गुमराह करके धर्म परिवर्तन के प्रयास का आरोप पुलिस ने लगया है
आरोपित से पुलिस पूछताछ की जा रही है आरोपित अपने ट्रस्ट का नाम लॉर्ड जीजस ट्रस्ट बताया ।
2 जुलाई 2022 को यूपी के फतेहपुर जिले में ईसाई धर्मान्तरण का पर्दाफाश
फतेहपुर Fatehpur जिले में ईसाई धर्मान्तरण के प्रयास का मामला सामने आया। यहाँ पर चंगाई सभा के नाम पर लोगों के धर्म परिवर्तन के प्रयास की शिकायत पर पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँच कर 3 आरोपितों को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है। घटना 2 जुलाई, 2022 (शनिवार) की है। जनपद के खागा थाना क्षेत्र के गाँव सुजरही में शिकायतकर्ता के मुताबिक, “2 जुलाई को मैं दिन में 11 बजे सुजरही गाँव में घूमने गया वहाँ पर संजय पासवान और रामचंद्र नाम के 2 व्यक्ति और नीरमती नाम की एक महिला बिना अनुमति ईसाई धर्म का प्रचार करते हुए लोगों को ईसाई बनने के लिए दलित बस्तियों में कम पढ़े लिखे लोगों को प्रेरित कर रहे थे। इस मौके पर ईसाई धर्म से संबंधित किताबें भी बाँटी जा रहीं थीं।”
शिकायतकर्ता राहुल की शिकायत पर पुलिस ने धारा 188, 295- A, 504 और उत्तर प्रदेश धर्मान्तरण निरोधक धारा 3/5 (1) के तहत FIR दर्ज कर ली। मौके से तीनों आरोपितों रामचंद्र, संजय और नीरमती को गिरफ्तार कर के अदालत भेज दिया गया। अदालत ने तीनों आरोपितों को 3 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस जाँच अधिकारी सब इंस्पेक्टर कृष्ण स्वरूप इस मामले में जाँच कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक फतेहपुर जनपद में धर्मान्तरण बहुत तेजी से हो रहा है। एक हफ्ते पहले भी शिकारपुर क्षेत्र में धर्मान्तरण का पर्दाफाश किया जा चूका है
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में ईसाई धर्मान्तरण का खेल बड़े पैमाने पर
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले Dariyabad में धर्मान्तरण के विरोध में दिनाँक 7 अगस्त 2022 को सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया है। उन्होंने अपने घर परिवार के लोगों के ईसाई बन जाने का आरोप लगाया है। ग्रमीणों ने इसे अपनी संस्कृति पर खतरा बताया है और ये सब न रुकने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है। हालाँकि, मौके पर पुलिस ने पहुँच कर हालात को संभाला।
बहुजन संघठनों के माध्यम से मिली जानकारी के मुताविक :मामला राजिम के गाँव कौंदकेरा का है जहाँ हर रविवार को ईसाइयों की प्रार्थना सभा होती है। इस बार प्रार्थना सभा आयोजित होते ही वहाँ ग्रामीणों ने विरोध करना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उस प्रार्थना में कुछ बाहरी लोग भी आते है। वो हमें ईसाई बनाने के लिए तरह-तरह के लालच देते हैं। हालत ऐसे हो चुके हैं कि एक ही माता-पिता के अलग-अलग बच्चे अब अलग-अलग मजहब में हैं।”
आक्रोश की सूचना पर मौके पर पहुँचे SDM अविनाश को भी ग्रामीणों ने सख्त अंदाज़ में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि धर्मान्तरण न रुका तो वो सब उग्र आंदोलन करेंगे। इस दौरान ग्रामीणों ने SDM से ये भी कहा कि धर्मान्तरण सिर्फ उनके ही नहीं बल्कि अन्य कई गाँवों में भी हो रहा है।
एक और मामला छत्तीसगढ़ के जशपुर के साजबहार गाँव से प्रकाश में आया है। यहाँ सरपंच सोनम लकड़ा के घर चंगाई सभा में ईसाई धर्मान्तरण का आरोप लगाया है।चंगाई सभा की आड़ में लोगों को ईसाई बनाने का काम हो रहा था। गौरतलब है कि मई 2022 में छत्तीसगढ़ के जशपुर में ग्रामीणों की शिकायत पर 2 पादरी धर्मान्तरण करवाते हुए गिरफ्तार किए गए थे। इसी के साथ अक्टूबर 2021 में भी दुर्ग जिले में ग्रामीणों ने धर्मान्तरण के आरोप में 45 ईसाइयों को बंधक बना लिया था। बता दें कि ईसाई धर्मान्तरण को रोकने के लिए दिसम्बर 2021 में जशपुर में आयोजित एक सम्मेलन में जनजातीय सुरक्षा मंच ने राज्य सरकार से अवैध धर्मान्तरण पर तत्काल रोक लगाने को कहा था। “डॉ अजय अनंत चौधरी – मेंहनगर आजमगढ़।”
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |
More Stories
[responsive-slider id=1466]
