जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की मासिक समीक्षा बैठक स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था से नाराज़ दिखे जिलाधिकारी-अविनाश कृष्ण सिंह
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संवाददाता : : मैनपुरी ::: : Date 26 -08-2022 ::जिलाधिकारी ने की जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की मासिक समीक्षा बैठक
स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था से नाराज़ दिखे जिलाधिकारी
मैनपुरी -जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की मासिक समीक्षा बैठक के दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निदेर्शित करते हुये कहा कि हाई रिस्क प्रेगनेंसी परीक्षण के लिए सभी लॉजिस्टिक वीएचएनडी सत्र पर उपलब्ध रहें। स्वास्थ्य केन्द्र जागीर, सुलतानगंज, मैनपुरी में गभर्वती महिलाओं की जांच में कोताही बरती जा रही है। संबंधित प्र. चिकित्साधिकारी इस ओर ध्यान दें। दायित्वों के निवर्हन, कार्यो में लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्य कमिर्यों के विरुद्ध कायर्वाही की जाए। उन्होंने प्र. चिकित्साधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मरीजों, प्रसूताओं को उपलब्ध कराए जाने वाले नाश्ते, खाने की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। प्र. चिकित्साधिकारी, नोडल अधिकारी रेंडम तौर पर खाने की गुणवत्ता स्वयं खाकर चेक करें। उन्होने परिवार कल्याण के अन्तगर्त महिला नसबंदी की खराब प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कैंप, मुख्यालय पर मेगा कैंप आयोजित कर महिला नसबन्दी के लक्ष्य की पूर्ति की जाये।

श्री सिंह ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रत्येक सब सेंटर पर एएनएम तैनात रहे। कोई सब सेंटर खाली न रहे, जो सब सेंटर खाली है। वहां 01 सप्ताह में एएनएम की तैनाती की जाए। ब्लॉक, तहसील स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी प्रत्येक दशा में प्रतिभाग करें। मुख्यालय पर ही न रहें बल्कि अपने आवंटित प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरंतर भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाएं सुधारें।
उन्होने प्र. चिकित्साधिकारियों से कहा कि अपने- अपने स्वास्थ्य केंद्र पर नेतृत्व देकर स्वास्थ्य विभाग की संचालित योजनाओं की प्रगति सुधारें, स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार कर उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करें, आशा, एएनएम, आंगनवाड़ी कायर्कत्रियों का सहयोग लेकर अधिक से अधिक संस्थागत प्रसव कराए जाएं, प्रसूता को जननी सुरक्षा योजना का लाभ डिस्चार्ज होने पर ही उपलब्ध कराया जाए। उन्होने प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना की समीक्षा के दौरान कहा कि प्रत्येक पात्र महिला को योजना का लाभ मिले, योजना के अंतगर्त उपलब्ध कराए जाने वाली धनराशि उसके बैंक खाते में शासनादेश के अनुसार उपलब्ध कराई जाए। योजना में बेवर, करहल, मैनपुरी अबर्न की प्रगति ठीक नहीं है। मैनपुरी अबर्न की प्रगति मात्र 59 प्रतिशत है।
जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जनपद में अति कुपोषित बच्चे चिन्हित हैं। जिन्हें पोषण पुनवार्स केंद्र में भतीर् कराने में किसी के द्वारा कोई रुचि नहीं ली जा रही है। माह जुलाई में मात्र 21 बच्चे ही एनआरसी में भर्ती कराये गये हैं। उन्होंने जिला कायर्क्रम अधिकारी, समस्त प्र. चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र से प्रतिमाह कम से कम 03-03 बच्चे पोषण पुनवार्स केंद्र में भर्ती कराए जाएं ताकि उन्हें जल्द से जल्द कुपोषित से सुपोषण की श्रेणी में लाया जा सके। उन्होने राष्ट्रीय क्षय रोग नियत्रंण कायर्क्रम की समीक्षा के दौरान कहा कि जिन अधिकारियों द्वारा क्षय रोग से ग्रसित बच्चों को गोद लिया है। सभी सम्बन्धित अधिकारी अपने गोद लिये बच्चे से निरतंर सम्पकर् में रहें। उन्हें नियमित रूप से दवा खाने के लिए पे्ररित करें, ग्रसित बच्चे को पौष्टिक आहार, फल आदि उपलब्ध करायें ताकि जल्द से जल्द बच्चे को बीमारी से निजात मिल सके।
मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में गोल्डन कार्ड बनाए जाने की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए प्र. चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिदिन कम से कम 100- 100 पात्र लाभाथिर्यों के गोल्डन कार्ड बनाए जाएं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुरावली, किशनी, जागीर में गोल्डन कार्ड बनाने की प्रगति बेहद निराशाजनक है। समीक्षा के दौरान प्र. चिकित्साधिकारी जागीर, किशनी ने बताया कि बीएलई के समय से उपस्थित न होने के कारण गोल्डन काडर् की प्रगति में सुधार नहीं हो पा रहा है। जिस पर उन्होंने प्रत्येक प्र.चिकित्साधिकारी के साथ 10-10 बीएलई को संबद्ध किए जाने हेतु जिला समन्वयक को निर्देशित किया। उन्होंने कोविड-19 के संक्रमण से बचाव हेतु प्रीकॉशन डोज लगाए जाने की स्वास्थ्य केंद्रवार समीक्षा करने पर पाया कि बेवर, किशनी, कुचेला, बरनाहल में प्रीकॉशन डोज लगाये जाने की प्रगति ठीक नहीं है, संबंधित प्र. चिकित्साधिकारी इस ओर ध्यान देकर प्रगति सुधारें। उन्होने जिला प्रतिरक्षण अधिकारी को आदेशित करते हुये कहा कि सभी स्वास्थ्य केन्द्रों टीकाकरण स्थलों पर पयार्प्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध रहे। उन्होंने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कायर्क्रम जननी सुरक्षा योजना, क्षय रोग नियत्रंण कायर्क्रम, पीसीपीएनडीटी आदि की बिन्दुवार गहन समीक्षा की।
बैठक में अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.पी.पी.सिंह, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. मदन लाल, मुख्य चिकित्साधीक्षक महिला डा. ए.के. पचैरी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव राय, डा. राकेश कुमार, डा.अनिल वर्मा, उप मुख्य चिकित्साधिकारी विनीत यादव, सहित समस्त प्र. चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी रविंद्र गौर, मलेरिया अधिकारी एस.एन. सिंह, डॉ. अनिल यादव, डी.एम.सी. यूनिसेफ संजीव पांडेय, एस.एम.ओ. डा. वी.पी.सिंह, जिला कायर्क्रम अधिकारी ज्योति शाक्य, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका गुप्ता, डीपीएम संजीव आदि उपस्थित रहे।
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