लखीमपुर खीरी 3 साल से ज्यादा समय से टिके बिजुआ बीडियो रोजगार सेवक से करा रहे रहे हैं जमकर भ्रष्टाचार
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संवाददाता : : लखीमपुर खीरी : : अमरेन्द्र सिंह :: Date :31- 8-2022 ::लखीमपुर खीरी 3 साल से ज्यादा समय से टिके बिजुआ बीडियो रोजगार सेवक से करा रहे रहे हैं जमकर भ्रष्टाचार
विकासखंड बिजुआ लखीमपुर खीरी 3 साल से ज्यादा समय से टिके बिजुआ बीडियो रोजगार सेवक से करा रहे रहे हैं जमकर भ्रष्टाचार ब्लाक बिजुआ में जमकर हो रहा है भ्रष्टाचार शून्य से लेकर शिखर तक भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार है रोजगार सेवक जफर अली ने अवैध कमाई अर्जित करके खड़ा कर लिया है अपना साम्राज्य लखीमपुर खीरी। मुख्यमंत्री को दिए शिकायती पत्र में जोधपुर की ग्राम प्रधान ने बताया ग्राम पंचायत मित्र ज़फ़र अली पुत्र मुशर्रफ अली (7)साल की कारावास की सजा और 25000 / – रू ० जुर्माना अपील पर अवैधानिक रूप से रोजगार सेवक की नौकरी में वर्तमान समय में तैनात हैं रोजगार सेवक 2010 में जेल गया जिस कारण को पद से हटा दिया गया जेल से रिहा होने के बाद ज़फ़र अली पुनः 2011 को रख लिया गया
बहुजन प्रेरणा दैनिक समाचार पत्र व बहुजन इंडिया 24 न्यूज़ (सम्पादक- मुकेश भारती ) किसी भी शिकायत के लिए सम्पर्क करे – 9161507983
उसके बाद रोजगार सेवक को पूर्व प्रधान रईस ने 20.12.2013 को पुनः हटा दिया उसके बाद 2014 में पुनः जेल गया रोजगार सेवक तीन बार जेल गया अनेकों मुकदमे के कारण रोजगार सेवक की स्थिति काफी दयनीय हो गई पाई पाई को मोहताज हो चुका था 2017 पूर्व प्रधान रघुवंश ने पुनः रोजगार सेवक बना दिया दौरान नौकरी के सुप्रीम कोर्ट से बेल खारिज होने पर जेल चला गया जेल में रहते दौरान दिनांक 07.07.2018 को 164 /2011 मु0 अ0 स0 सी 2076 /2010 धारा 376 के अपराध में दोष सिद्ध होने पर सज़ा सात साल की बोली गई हाईकोर्ट से जमानत पर छुटे रोजगार सेवक ने जमकर भष्टाचार किया और महेवागंज में पत्नी के नाम जमीन ले दो मंजिला आलिशान मकान और पिता के नाम एक एकड़ खेती लेकर ग्राम जोधपुर में मक़ान बनवाने के अतिरिक्त लाखों रुपए पैदा किए महोदय उसके बाद प्रार्थिनी ग्राम प्रधान बनी महोदय पूर्व के तीन साल में रोजगार सेवक ने मनरेगा द्वारा खण्ड विकास अधिकारी द्वारा मनरेगा के अन्तर्गत काम कराने को कहा जा रहा है , रोजगार सेवक द्वारा काम कराने के लिये रोका जा रहा है और कह रहा है कि रूपये नहीं निकलेंगे। पता लगाने पर मालूम हुआ यह कार्य वर्ष 2019-20 व 2020-21 में कराये जा चुके हैं जबकि यह कार्य कराए नहीं गये हैं और धन निकाल लिया गया । कार्य निम्न हैं : सीताराम के खेत से करन सिंह के खेत तक चकबन्ध कार्य ( 2019 ) बृम्हदीन के खेत से किशोरी के खेत तक चबन्ध कार्य ( 2020 ) सोबरन के खेत से गौरियापुरवा गाँव तक चकबन्ध कार्य ( 2020 ) बीरू के खेत से आशाराम के खेत तक चकबन्ध कार्य ( 2020 ) आक्सफोर्ट स्कूल से कब्रिस्तान तक चकबन्ध कार्य ( 2020 ) कर्बला तालाब की खुदाई कार्य ( 2020 ) पकरिया तालाब की खुदाई कार्य ( 2020 ) बेलहैया तालाब की खुदाई कार्य ( 2020 ) बकरी आश्रय बनवाये हैं जिसमें मानक का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया हैं 1 उपरोक्त कार्यों का भुगतान रोजगार सेवक के द्वारा कराया गया है। जिसकी जांच खण्ड विकास अधिकारी बिजुआ खीरी तथा दूसरी जांच सहायक विकास अधिकारी पंचायत खीरी द्वारा मानकों को ताख पर रख कर की गई जिसमें रोजगार सेवक जेल गया सज़ा याफ़्ता मुजरिम है 25 हजार की अपील पर हाईकोर्ट से जमानत पर हैं का विवरण नहीं दिया गया हकीकत यह है कि बिना कार्य किए पैसा निकाल लिया गया न मौके का निरिक्षण किया गया उल्टे प्रधान को झूठा साबित कर दिया गया तथा लगभग दो साल से ऊपर रोजगार सेवक जेल रहा उस दौरान का वेतन भी निकाल लिया गया जो जांच का विषय है। रोजगार सेवक ने बिजुआ ब्लॉक में ऐसी जड़ें जमा ली है जो रोजगार नहीं बल्कि दलाल के रूप में बिजुआ ब्लॉक में काम कर रहा है मजदूरों की मजदूरी मार ली बिना काम किए पैसा निकाल लिया रोजगार सेवक पर ब्लांक बिजुआ के बीडिओ का हाथ है यह कुछ भी करे कारवाई न होना तय है अगर दबाव में जांच भी होगी उसी के पक्ष में जो रोजगार सेवक जानता है इसलिए बेखौफ होकर भ्रष्टाचार कर रहा है।और अपने भ्रष्टाचार के भय से रोजगार सेवक अपने पूरे परिवार सहित गांव छोड़ कर गरीबों की हाय से पैदा की हुई रकम से हवेली बना महेवा गंज में रह रहा है। जो ग्राम वासियों के न्याय हित में नहीं है ग्राम की मुखिया होने व ग्राम पंचायत में विकास कार्य न हो पाने की वजह से न्याय की गुहार लगा रही है। खबर प्रकाशित हो रही है जिलाधिकारी की इस ओर नजर जा रही है न मुख्य विकास अधिकारी का जा रहा है ध्यान।
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