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ध्यान रहे लाभ कभी लोभ न बने – प्रेममूर्ति पूज्य श्री प्रेम भूषण जी महाराज

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संवाददाता : : मैनपुरी : :अवनीश कुमार   :: Date ::06 .10 .2022 ::सुदिती ग्लोबल एकेडमी में श्रीराम कथा महोत्सव, के सातवें दिन प्रभु राम जी के वन गमन की कथापंडाल में श्रीराम कथा सुनने वाले राम भक्तों की उमड रही है भीड़

मैनपुरी- जीव का यह स्वभाव है कि वह लाभ के लिये ही कार्य करता है, लेकिन जब यह लाभ कभी भी लोभ में बदल जाता है तो वहीं से अनर्थ की शुरुआत होती है। श्री राम कथा गायन के लिये सुविख्यात परम पूज्य प्रेमभूषणजी महाराज ने सुदिती ग्लोबल एकेडमी में आयोजित नौ दिवसीय श्री रामकथा महोत्सव के सातवें दिन कथागायन करते हुए उक्त विचार व्यक्त किए।पूज्य प्रेमभूषणजी महाराज के मुखारबिंद से श्रीराम कथा गायन शुरू हुआ तो पूरा पांडाल भक्ति के रस में डूब सा गया।

कथा में सातवें दिन भगवान के वनगमन प्रसंग की चर्चा हुई। ‘हम रामजी के रामजी हमारे है सेवा ट्रस्ट’ के बैनरतले कथागायन करने वाले प्रेममूर्ति श्रीप्रेमभूषणजी महाराज ने कहा कि लोभ वस्तुगत क्रिया है, भावगत नहीं है और जब व्यक्ति लोभग्रस्त होता है लाभ भी अपनी परिभाषा तैयार कर लेता है।पूज्य प्रेमभूषणजी महाराज ने आगे बताया कि लोभ वृत्ति है और लाभ भगवत चिंतन है। यह भगवान भोलेनाथ का वचन है कि श्रीरामकथा ही मनुष्य मात्र का हर प्रकार से कल्याण करती है। यह कथा स्वयं भगवान शिव की ही मानवसमाज के लिये बड़ी देन है।भगवान राम के वनगमन प्रसंग का विस्तार करते हुये पूज्य महाराज जी ने भरत चरित्र का भी गायन किया। इस क्रम में महाराज जी ने दर्जनों भजनों का गायन कर कथा पंडाल में उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

आज व्यासपीठ से विशेष सूत्र के रुप में पूज्य श्री ने कहा कि हमें अभिवादन की परम्परा को विधिवत पालन करना चाहिये। अगर काई हमारे अभिवादन का उत्तर नहीं भी देता है तो उसके शरीर में उपस्थित लगभग 3.5 करोड़ रोम स्वतः आशिर्वाद प्रदान करते हैं।श्रीराम कथा शुरू होने से पहले एवं प्रेममूर्ति प्रेमभूषणजी महाराज द्वारा कथा शुरू करने के बाद भी निरन्तर भजनों की गंगा माहौल को भक्ति के रस से सराबोर करती रही। इस दौरान पांडाल में जय सियाराम, जय रामजी के जयकारे गूंजते रहे। भजनों के साथ रामचरितमानस की चौपाईयों का पाठ भी होता रहा।इससे पूर्व श्री प्रेमभूषणजी महाराज के व्यास पीठ पर विराजित होने से पहले व्यासपीठ की विधिवत पूजा की गई। उनके व्यास पीठ पर विराजने के बाद कथा संयोजक डॉक्टर राम मोहन, डॉक्टर कुसुम मोहन, डॉक्टर अजय पाल सिंह जी एवं श्रीमती सुशीला, श्रीमती कुसुम, श्रीमती सरला देवी, डॉ अशोक कुमार एवं श्रीमती सुषमा देवी, डॉ आनंद, डॉ नीलम, ले0कर्नल श्री अग्निवेश पाण्डेय एवं परिवार, श्री पारस नाथ राय, जिला जज, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण मैनपुरी, श्री अमित कुमार (ए सी जे एम, मैनपुरी), श्री राजकुमार यादव पूर्व विधायक मैनपुरी सदर आदि ने महाराज जी को माला पहनाकर और व्यासपीठ का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया।

कथा सत्र के समापन की आरती में मुख्य यजमान के साथ सर्वश्री रमेश चंद्र पाण्डेय, डॉ केशव कपूर, श्री सीपी पाण्डेय, हरी बाबू गुप्ता, डॉ सुमंत गुप्ता, श्री कमल कौशिक, श्री विपिन यादव, बीनू बंसल, वीर सिंह भदौरिया, श्री अनीश शुक्ला, अशोक गुप्ता, आदित्य जैन, अरविन्द तोमर, डॉ राकेश गुप्ता, सुखदेव शर्मा, राघव पचोरी, महेश मिश्रा, चंद्र प्रकाश पांडे, गोपी अग्रवाल, सतेंद्र मिश्रा, प्रमोद दुबे बाबाजी आदि मौजूद थे।हम राम जी के राम जी हमारे हैं सेवा ट्रस्ट के मीडिया प्रभारी तारकेश्वर मिश्रा ने सभी राम भक्तों का स्वागत किया। श्रीराम कथा का गायन शहर के सुदिती ग्लोबल एकेडमी प्रांगण में 8 अक्टूबर तक प्रतिदिन दोपहर 3.30 बजे से शाम 7.00 बजे तक हो रहा है।

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