लोकसभा उपचुनाव मैनपुरी में प्रत्याशी से प्रचार सामग्री का ब्यौरा जमा करने को कहा-DM अविनाश कृष्ण सिंह
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संवाददाता : : मैनपुरी :: अवनीश कुमार :: Date ::10 .11 .2022 : : जिलाधिकारी ने लोकसभा उपचुनाव प्रत्याशी से प्रचार सामग्री का ब्यौरा जमा करने को कहा
मैनपुरी 10 नवम्बर, 2022- जिला निवार्चन अधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने बताया कि लोकसभा उप निवार्चन-2022 में निवार्चन लड़ने वाले प्रत्याशियों, राजनैतिक दलोें द्वारा प्रचार सामग्री (पोस्टर, बैनर, हैण्डबिल इत्यादि) छपवाये जाने हेतु भारत निवार्चन आयोग द्वारा दिशा-निदेर्श दिये गये है। प्रचार सामिग्री पर प्रिंटिंग प्रेस का नाम, छापी गयी प्रचार सामिग्री की संख्या, पता आदि का विवरण प्रत्येक दशा में अंकित किया जाना है। उन्होने समस्त प्रिन्टिंग पे्रस स्वामियों जो निवार्चन से संबंधित चुनाव प्रसार सामग्री (पोस्टर ,बैनर,हैण्डबिल इत्यादि) को छापने का कार्य करते है, से कहा है कि वह बिना नाम, पते, संख्या के कोई भी चुनाव प्रचार सामग्री न छापे, इसका उलंघन करने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की सुसंगत धाराओं में दंड, जुमार्ना अथवा दोनो का प्राविधान किया गया है। 
श्री सिंह ने बताया कि विधान सभा सामान्य निवार्चन में निवार्चन लड़ने वाले प्रत्याशियों, राजनैतिक दलों द्वारा प्रचार सामग्री छपवाई जायेगी। निवार्चन के दौरान पम्पलेट,पोस्टर आदि के मुद्रण पर कतिपय शर्तो के अन्तगर्त प्रतिबन्ध लगाया गया है। उन्होने बताया कि कोई व्यक्ति किसी ऐसे निवार्चन पम्पलेट,पोस्टर का प्रकाशन, मुद्रण नहीं करेगा जिसके मुख्य पृष्ठ पर मुद्रक,प्रकाशक का नाम व पता न लिखा हो। दस्तावेज के मुद्रण के पश्चात मुद्रक द्वारा प्रकाशक के घोषणा की प्रति के साथ दस्तावेज की प्रति संबंधित रिटनिर्ग आफीसर को भेजी जायेगी। उन्होने कहा है कि किसी भी निवार्चन पम्पलेट,पोस्टर तथा प्रकाशक सामग्री पर प्रकाशक,मुद्रक का नाम स्पष्ट रूप से अंकित किया जाये साथ ही मुद्रण सामग्री मुद्रित होने के पश्चात मुद्रित सामग्री की प्रतियां रिटर्निंग आफीसर को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेगें।
जिला निवार्चन अधिकारी ने बताया कि कोई भी विज्ञापन प्रकाशित करने के पूर्व उसे मीडिया सटिर्फिकेटेशन एवं मानीटरिंग कमेटी से प्रमाणित कराना होगा। सभी प्रत्याशियो को पैड न्यूज से सतर्क रहना होगा, कोई भी व्यक्ति किसी भी राजनैतिक विज्ञापन का प्रसारण नहीं करेगा। कोई भी केबिल आपरेटर, टीवी चैनल, सोशल मीडिया पर इसका उल्लंघन करते पाया गया तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की सुसंगत धाराओं में दण्डात्मक कायर्वाही की जायेगी। आयेाग ने इस्टांग्राम, ट्विटर, यूट्यूब, क्रू एप, टिकटाॅक, व्हाट्स एप, फेसबुक, वाइसमैसेज आदि को सोशल मीडिया माना है। सोशल मीडिया पर चुनाव को प्रभावित करने वाले, आदर्श आचार संहिता के उल्लघंन, हेट स्पीच, मतदाताओं को लुभाने सम्बन्धी खबरों पर संज्ञान लिया जायेगा।
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