Mainpuri News:भाजपा तोड़ पाएगी मुलायम का रचा वो चक्रव्यूह
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Mainpuri News: भाजपा तोड़ पाएगी मुलायम का रचा वो चक्रव्यूह
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संवाददाता : : मैनपुरी :: अवनीश कुमार :: Date ::14 .11 .2022 : : Maipuri News: भाजपा तोड़ पाएगी मुलायम का रचा वो चक्रव्यूह
Maipuri News: मैनपुरी भाजपा तोड़ पाएगी मुलायम का रचा वो चक्रव्यूह?- अभी तक मैनपुरी को जीतना रहा सिर्फ एक सपनामैनपुरी। मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद अब उनकी बहू के सामने भाजपा चक्रव्यूह को तोड़ने के प्रयास में जुटी हुई है। मुलायम ने मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र से अपने गुरु को प्रत्याशी बनवाकर चक्रव्यूह की रचना की थी। गुरु उदयप्रताप को लोकसभा पहुंचाने के लिए मैनपुरी में की गई मुलायम की उस व्यूह रचना को आज तक कोई नहीं भेद पाया है। मुलायम के धुर विरोधी रहे लोगों ने शरण ली तो वह भी उनके वजूद से ही लोकसभा पहुंचे थे। ज्ञात हो कि दो दशक पहले मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र को मुलायम सिंह ने अपनी कर्मभूमि बनाया था।
बहुजन प्रेरणा दैनिक समाचार पत्र व बहुजन इंडिया 24 न्यूज़ (सम्पादक- मुकेश भारती ) किसी भी शिकायत के लिए सम्पर्क करे – 9336114041
Maipuri News: उस समय उन्होंने मैनपुरी की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए अपने शिक्षक गुरु उदयप्रताप सिंह यादव को प्रत्याशी बनाया था। वर्ष 1989 में मुलायम सिंह यादव ने अपने गुरु को प्रत्याशी बनाकर मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र के लिए व्यूह रचना की थी। इसे फिर कोई भी विरोधी पार्टी तोड़ नहीं पाई। वर्ष 1989 में मुलायम सिंह यादव ने जनता दल की सदस्यता ग्रहण की। मुलायम का कद जनता दल में इतना ऊंचा था कि उनके कहने पर ही मैनपुरी, इटावा और एटा में प्रत्याशियों को टिकट दी गई। मुलायम सिंह ने मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र से उदय प्रताप यादव को टिकट दिलवाई थी। इस चुनाव में उन्होंने जीत भी हासिल की थी। वर्ष 1991 में मुलायम सिंह समाजवादी जनता पार्टी में शामिल हुए। इस बार फिर उन्होंने मैनपुरी से अपने गुरु उदयप्रताप को टिकट दिलवाया। उदय प्रताप ने फिर से जीत हासिल की। मुलायम सिंह यादव का मैनपुरी में वजूद देखकर उनके धुर विरोधी रहे कांग्रेस नेता बलराम सिंह यादव ने भी वर्ष 1998 में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। दो बार बलराम सिंह पहुंचे लोकसभा मुलायम ने बलराम को मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र से 1998 और 1999 में चुनाव लड़ाया। दोनों बार बलराम सिंह लोकसभा पहुंचे। अब मुलायम नहीं हैं। उनकी बहू डिंपल यादव लोकसभा क्षेत्र से मैदान में हैं। भाजपा के लिए इस व्यूह को तोड़ पाने की इस बार भी चुनौती रहेगी। वहीं डिंपल यादव के लिए ससुर के रचे व्यूह की रक्षा करने की प्रतिष्ठ दांव पर है।
मुलायम समर्थक को मिले वोट
1989 – उदय प्रताप यादव जनतादल – 239660
पराजित प्रत्याशी- केसी यादव कांग्रेस- 155369
1991- उदय प्रताप यादव समाजवादी जनता पार्टी – 126463
पराजित प्रत्याशी- रामनरेश अग्निहोत्री भाजपा- 114298
1998- बलराम सिंह यादव सपा- 264734
पराजित प्रत्याशी- अशोक यादव भाजपा- 254368
1999- बलराम सिंह यादव सपा – 244113
पराजित प्रत्याशी- दर्शन सिंह यादव- 216087
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