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इस ज़माने में अस्पताल खुल रहे है या रेवड़ियों की दुकान -स्वस्थ विभाग बेखर

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संवाददाता :: मैगलगंज लखीमपुर खीरी:: अमरेंद्र सिंह :LMP: Date ::05 .12 .2022 :: मैगलगंज में अस्पताल का कारोबार स्टाफ के भरोसे चल रहा है मैगलगंज में बरगवां रोड पर चल रहा अस्पताल में डॉक्टर कभी कभार आते है सारा काम नर्श और स्टाफ देखता है। बड़ी बड़ी बिल्डिंग बनाकर बड़े बड़े बोर्ड लगाकर मरीज को ठीक करने का दावा तो किया जाता है लेकिन जब डॉक्टर ही समय पर नहीं होंगे तो इलाज कैसे होगा फीस डॉक्टर की ली जाती है और इलाज नर्स से कराया जाता है। ऊंची दुकान फीका पकवान में फसकर मरीजों की हालत और ख़राब हो जाती है। अस्पताल अब सेवा के लिए नहीं बल्कि उद्योग के लिए किया जा रहा है। लूट मची है लूट कोई बैनर पोस्टर लगा कर लूट रहा है तो कोई बिल्डिंग दिखाकर तो कोई एडवांस मशीन दिखाकर मरीजों को अपने जाल में फसा लिया जाता है जब केस सीरीस हो जाता है तो रेफर का सहारा लेकर बचाव कर लिया जाता है ये सब इसलिए हो रहा है क्यों की  स्वास्थ्य विभाग के लचर रवैया हैं बिना जांच पड़ताल किये लइसेंस दे दिया जाता है

जिस डॉक्टर के भरोसे अस्पताल खोला जाता है उसका खुद का अस्पताल मेगा सिटी में होता है या फिर राजधानी में हॉस्पिटल होता है अपने मरीज की देख भल कर पाना उसको मुश्किल है और फ्रेचाइजी के अस्पताल में कैसे देखे ये सब भगवान भरोसे है ऐसे अवैध तरीके अपना कर खोले गए अस्पताल को स्वास्थ विभाग को नोटिस करना चाहिए और मानक की बीपरीत चलता पाए जाने पर कार्यवाही करने चाहिए लेकिन कार्यवाही नहीं होती है।मैगलगंज में ऐसे ही एक अस्पताल कबीर के नाम से चल रहा है जिसको डॉक्टर नसीम रिजवी लखनऊ के सहयोग से चलाया जा रहा है मरीजों का कहना है डॉक्टर साहब नहीं मिलते है नर्स ही दवा दे देती है और ठीक भी हो जाते है लेकिन कोई घटना घाट जाये तो जिम्मेदार कौन होगा इस बात पर सभी मौन हो जाते है।

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