ज्ञान के प्रतीक,राष्ट्रनिर्माता बाबा साहेब के महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रध्दांजली अर्पित
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संवाददाता :: :: Date ::06 .12 .2022 ::ज्ञान के प्रतीक,राष्ट्रनिर्माता बाबा साहेब ने सदियों से गुलाम रहे भारत देश को एक सम्पूर्ण गणराज्य बनाने के लिए उन्होंने ऐसा संविधान लिखा जिसमे पूरे देश की जनता का हित हो गरीब के लिए व्यवस्था दी की ये नेता विधायक सांसद डीएम डॉक्टर इंजिनियर बन सके और गरीब शोषित महिला मजदूर सबके लिए समानता का अवसर मिले इंसान को इंसान समझा जा सके सदियों से ऊंच नीच की भावना की दंश झेल रहा ये देश संविधान बन जाने के बाद पूरे विश्व में एक अलग साख बना पाया सदियों से कभी मुगलों तो कभी अंग्रेजो की गुलामी में जी रहे इस भारत को अंग्रेजो से संविधान की बदौलत मुक्त कराया

उन्होंने इस संविधान में गरीब दलित पिछड़े के विकास के लिए कुछ व्यवस्था दी जिससे यह विशेष वर्ग सुधर सके लेकिन वर्तमान समाज में अभी भी मुर्दे की तरह रह रहे लोग अभी भी अपने हक अधिकार के लिए नही गुलामी की रोटी खाने में मस्त है वो क्या समझेंगे बाबा साहेब को की उनको इतना अधिकार और सम्मान दिलाने के लिए कितने यातनाएं झेलनी पड़ी
राष्ट्रनिर्माता बाबा साहेब अमर रहे
आओ ऐसे महामानव को शत शत नमन करते आज उनके परी निर्वाण दिवस जिन्हीने हमारे जिंदगी के दीप जलाए उनके लिए एक दीप हम जरूर जलाए
जय भीम जय भारत जय संविधान
डॉ जितेंद्र कुमार सरोज
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