DM मैनपुरी ने एक दिवसीय रोजगार मेले में प्रतिभाग कर रहे युवाओं से किया संवाद
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संवाददाता ::मैनपुरी::अवनीश कुमार{C016} :: Date ::17 ::12::.2022::DM मैनपुरी ने एक दिवसीय रोजगार मेले में प्रतिभाग कर रहे युवाओं से किया संवाद
जनपद में नियमित रूप से रोजगार मेलों का आयोजन कराकर राष्ट्रीय, अंतरार्ष्ट्रीय कंपनियों में मिल रहा है रोजगार- जिलाधिकारी
युवा अपने अंदर की प्रतिभा को पहचानें, स्किल डेवलपमेंट कर अपना नाम रोशन करें-जिलाधिकारी
मैनपुरी – जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने सेवायोजन कायार्लय प्रांगण में आयोजित एक दिवसीय रोजगार मेले में प्रतिभाग कर रहे युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि सभी युवा अपने अंदर काम करने, काम सीखने का जज्बा पैदा करें, कर्म से ही इंसान की पहचान होती है, कोई भी कार्य छोटा-बड़ा नहीं होता, ऑफिस में काम करने वाले कमिर्यों से सफाईकर्मी के कार्य का ज्यादा महत्व होता है। कर्म ही पूजा है, युवा सामंती सोच से अपने आप को अलग रखें और मेहनत कर अपने क्षेत्र में आगे बढ़ें, सफलता आपको अवश्य मिलेगी।
श्री सिंह ने कहा कि जनपद में निरतंर रोजगार मेले आयोजित कर मिशन रोजगार के अंतगर्त राष्ट्रीय, अंतरार्ष्ट्रीय कंपनियों में शैक्षिक योग्यता के आधार पर बिना किसी सिफारिश के साथ रोजगार के अवसर मुहैया कराए जा रहे है। उन्होने कहा कि प्राइवेट सेक्टर में युवाओं के लिए बहुत संभावनाएं हैं, बहुराष्ट्रीय कंपनियों में अपनी योग्यता, कार्य क्षमता के चलते कोई भी युवा बहुत बड़ा पैकेज पा सकता है। उन्होने कहा कि यह बहुत ही सुनहरा अवसर है, रोजगार मेले में शिक्षित युवाओं के लिए अपने प्रारम्भिक रोजगार के अवसर है। उन्होने कहा कि शिक्षा का अधिकार, अच्छे स्वास्थ्य का अधिकार हर नागरिक का है। इसी प्रकार शिक्षित युवाओं को उनकी शैक्षिक योग्यता के अनुसार रोजगार के अवसर मिलें, इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा तमाम योजनाएं संचालित की हैं। कौशल विकास योजना के अन्तगर्त विभिन्न विधाओं में शिक्षित युवाओं को हुनरमंद बनाकर राष्ट्रीय, अन्तरार्ष्टीªय कम्पनियों में रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है साथ ही विभिन्न योजनाओं में सस्ते ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराकर स्वःरोजगार स्थापना को बढ़ावा मिल रहा है। निःशुल्क शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था उसी प्रकार से युवाओं के लिए रोजगार का अवसर मिलना बहुत ही आवश्यक होता है। इसी के तहत अभी जिला सेवायोजन कायार्लय इसे स्पोसंर कर रहा है, और यह प्रतिमाह करते हैं, इसके अलावा मेगा कैंप का आयोजन भी कराया जाता है। उन्होने युवाओं से कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी कहते थे कि कर्म की महानता होती है।
युवा अपनी ताकत को पहचानें, अपनी ऊर्जा का सदुपयोग समाज, देश के विकास में करें- अविनाश सिंह
जिला रोजगार सहायता अधिकारी विकास मिश्रा ने बताया कि आज आयोजित रोजगार मेले में पुखराज, जेनेवा क्रॉप साइंस, एमएनसी डाटा क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड, भारतीय जीवन बीमा निगम, एसबीआई लाइफ, शिवशक्ति बोटेक्टोनॉजी लिमिटेड, सिप्ला आयुर्वेदिक, ग्रोफास्ट प्लानटेक लिमिटेड कंपनियों ने प्रतिभाग कर जनपद के 100 शिक्षित बेरोजगारों को उनकी शैक्षिक योग्यता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया। इस अवसर पर विभिन्न कम्पनियों के प्रतिनिधि, कायार्लय स्टाॅफ, प्रतिभागी युवा आदि उपस्थित रहे।
प्रथम विश्व युद्ध
ऑस्ट्रिया के सिंहासन के उत्तराधिकारी आर्चड्युक फर्डिनेंड और उनकी पत्नी का वध इस युद्ध का तात्कालिक कारण था। यह घटना 28 जून 1914, को सेराजेवो में हुई थी। एक माह के बाद ऑस्ट्रिया ने सर्बिया के विरुद्ध युद्ध घोषित किया। रूस, फ़्रांस और ब्रिटेन ने सर्बिया की सहायता की और जर्मनी ने आस्ट्रिया की। 
साम्राज्यवाद (Imperialism): प्रथम विश्व युद्ध से पहले अफ्रीका और एशिया के कुछ हिस्से कच्चे माल की उपलब्धता के कारण यूरोपीय देशों के बीच विवाद का विषय बने हुए थे। जब जर्मनी और इटली इस उपनिवेशवादी दौड़ में शामिल हुए तो उनके विस्तार के लिये बहुत कम संभावना बची। इसका परिणाम यह हुआ कि इन देशों ने उपनिवेशवादी विस्तार की एक नई नीति अपनाई। यह नीति थी दूसरे राष्ट्रों के उपनिवेशों पर बलपूर्वक अधिकार कर अपनी स्थिति को सुदृढ़ किया जाए। बढ़ती प्रतिस्पर्द्धा और अधिक साम्राज्यों की इच्छा के कारण यूरोपीय देशों के मध्य टकराव में वृद्धि हुई जिसने समस्त विश्व को प्रथम विश्व युद्ध में धकेलने में मदद की। इसी प्रकार मोरक्को तथा बोस्निया संकट ने भी इंग्लैंड एवं जर्मनी के बीच प्रतिस्पर्द्धा को और बढ़ावा दिया।
अपने प्रभाव क्षेत्र में वृद्धि करने के उद्देश्य से जर्मनी ने जब बर्लिन-बगदाद रेल मार्ग योजना बनाई तो इंग्लैंड के साथ-साथ फ्राँस और रूस ने इसका विरोध किया, जिसके चलते इनके बीच कटुता मेंऔर अधिक वृद्धि हुई।
बहुजन प्रेरणा दैनिक समाचार पत्र व बहुजन इंडिया 24 न्यूज़ (सम्पादक- मुकेश भारती ) किसी भी शिकायत के लिए सम्पर्क करे – 9336114041


सैन्यवाद (Militarism): 20वीं सदी में प्रवेश करते ही विश्व में हथियारों की दौड़ शुरू हो गई थी। वर्ष 1914 तक जर्मनी में सैन्य निर्माण में सबसे अधिक वृद्धि हुई। ग्रेट ब्रिटेन और जर्मनी दोनों ने इस समयावधि में अपनी नौ-सेनाओं में काफी वृद्धि की। सैन्यवाद की दिशा में हुई इस वृद्धि ने युद्ध में शामिल देशों को और आगे बढ़ने में मदद की।
वर्ष 1911 में आंग्ल जर्मन नाविक प्रतिस्पर्द्धा के परिणामस्वरूप ‘अगादिर का संकट’ उत्पन्न हो गया। हालाँकि इसे सुलझाने का प्रयास किया गया परंतु यह प्रयास सफल नहीं हो सका। वर्ष 1912 में जर्मनी में एक विशाल जहाज़ ‘इम्प रेटर’ का निर्माण किया गया जो उस समय का सबसे बड़ा जहाज़ था। इससे इंग्लैंड और जर्मनी के मध्य वैमनस्य एवं प्रतिस्पर्द्धा में वृद्धि हुई।
राष्ट्रवाद (Nationalism): जर्मनी और इटली का एकीकरण भी राष्ट्रवाद के आधार पर ही किया गया था। बाल्कन क्षेत्र में राष्ट्रवाद की भावना अधिक प्रबल थी। चूँकि उस समय बाल्कन प्रदेश तुर्की साम्राज्य के अंतर्गत आता था, अतः जब तुर्की साम्राज्य कमज़ोर पड़ने लगा तो इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने स्वतंत्रता की मांग शुरू कर दी।

बोस्निया और हर्जेगोविना में रहने वाले स्लाविक लोग ऑस्ट्रिया-हंगरी का हिस्सा नहीं बना रहना चाहते थे, बल्कि वे सर्बिया में शामिल होना चाहते थे और बहुत हद तक उनकी इसी इच्छा के परिणामस्वरूप प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत हुई। इस तरह राष्ट्रवाद युद्ध का कारण बना।रूस का मानना था कि स्लाव यदि ऑस्ट्रिया-हंगरी एवं तुर्की से स्वतंत्र हो जाता है तो वह उसके प्रभाव में आ जाएगा, यही कारण रहा कि रूस ने अखिल स्लाव अथवा सर्वस्लाववाद आंदोलन को बल दिया। स्पष्ट है कि इससे रूस और ऑस्ट्रिया–हंगरी के मध्य संबंधों में कटुता आई।इसी तरह के और भी बहुत से उदाहरण रहे जिन्होंने राष्ट्रवाद की भावना को उग्र बनाते हुए संबंधों को तनावपूर्ण स्थिति में ला खड़ा किया। ऐसा ही एक उदाहरण है सर्वजर्मन आंदोलन।
आईपीसी की धारा 207 में विधि का क्या प्राविधान है

IPC की धारा 207 का विवरण :जो कोई किसी सम्पत्ति को, या उसमें के किसी हित को, यह जानते हुये कि ऐसी सम्पत्ति या हित पर उसका कोई अधिकार या अधिकारपूर्ण दावा नहीं है, कपटपूर्वक प्रतिगृहीत करेगा, प्राप्त करेगा, या उस पर दावा करेगा, अथवा किसी संपत्ति या उसमें के किसी हित पर किसी अधिकार के बारे में जानते हुए की इस पर उसका कोई वैधानिक अधिकार नहीं है और हड़पने , छीनने के आशय से मिथ्या दावा करेगा तो वह व्यक्ति धारा 207 के अंतर्गत दंड एवं जुर्माने से दण्डित किया जाएगा। विधिक सलाहकार -मुकेश भारती एड0


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