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अयोध्या कोरोना काल में बंद हो चुके स्कूलों के बाद प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस वसूली से परेशान

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बहुजन इंडिया 24 न्यूज़ व बहुजन प्रेरणा दैनिक समाचार पत्र ( सम्पादक मुकेश भारती- सम्पर्क सूत्र 9161507983)
अयोध्या : ( फूलचन्द्र – ब्यूरो रिपोर्ट ) दिनांक- 13 – सितम्बर – 2021- सोमवार


            अयोध्या कोरोना काल में बंद हो चुके स्कूलों के बाद प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस वसूली से परेशान
प्राइवेट स्कूलों के बच्चों का अब हुआ रूख सरकारी स्कूलों की तरफ कोरोना काल में बंद हो चुके स्कूलों के बाद प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस वसूली से परेशान होकर अभिभावकों ने अब सरकारी स्कूलों की तरफ रुख अपना लिया है, जिसके कारण सरकारी स्कूलों में अचानक छात्र छात्राओं की संख्या बाढ़ जैसी संख्या होने लगी है। अचानक बढ़ी छात्र-छात्राओं की संख्या के चलते हैं विद्यालय प्रशासन को एमडीएम सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है ,आपको बता दें कि कोरोना काल में सभी शिक्षण संस्थान को शासन के आदेश पर बंद कर दिया गया था, लेकिन निजी विद्यालयों ने ऑनलाइन पद्धति के जरिये पठन-पाठन जारी रखा और जिसके एवज में अभिवावकों को जेब भी ढीली करनी पड़ी, इसीलिये तीसरे लहर के संभावित खतरे और दोबारा विद्यालय बंद होने की आशंका के चलते अभिवावक सरकारी विद्यालयों का रुख कर रहे है। जिसके चलते हैं विद्यालय प्रशासन को कई दिक्कतों से सामना करना पड़ रहा है चाहे बच्चों को मध्यान भोजन करवाने के लिए हो या छात्र छात्राओं के बैठने का इंतजाम हो और अध्यापन से जुड़े टीचरों की व्यवस्था की कमी कहीं न कहीं अब सरकारी स्कूलों के सामने चुनौती बनकर सामने खड़ी हो रही हैं। वहीं विद्यालय के अध्यापक का कहना है कि योगी सरकार शिक्षा क्षेत्र में अच्छा विकास किया है जिसका प्रतिफल अब सामने दिखने लगा है। सरकार से और शिक्षा विभाग से जुड़े जिले के अधिकारियों से यह मांग भी की है कि हमारे विद्यालय के साथ-साथ प्रदेश के उन सभी प्राथमिक और कमपोजिट विद्यालयों में मध्यान भोजन बच्चों को खिलाने के लिए एक अलग से टीन सैड अथवा दूसरे कैंपस की व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए।

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