भीरा कस्बे में कावडियो के लिए लंगर, सुबह ,दोपहर, शाम चाय नाश्ता व भोजन की व्यवस्था
1 min read
|
😊 Please Share This News 😊
|
संवाददाता : :लखीमपुर खीरी:: अमरेन्द्र सिंह::भीरा कस्बे में कावडियो के लिए लंगर, सुबह ,दोपहर, शाम चाय नाश्ता व भोजन की व्यवस्था
भीरा कस्बे में 9 वर्ष से सावन माह में 1महीने लगातार चलता है कावडियो के लिए लंगर, सुबह ,दोपहर, शाम चाय नाश्ता व भोजन की व्यवस्था रहती है साथ ही रुकने की व्यवस्था भी श्री शिव कावड़ सेवा शिविर कमेटी द्वारा निशुल्क किया जाता है।
9 वर्ष से चल रहे श्री शिव कावड़ सेवा शिविर में लोग बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते है,कई स्थानीय लोगो द्वारा शिव शिविर में दिनरात कार्य कर भीरा से गुजरने वाले कावड़ियो का स्वागत कर उनके जलपान व विश्राम की व्यवस्था की जाती है।


श्री शिव कावड़ सेवा शिविर के कमेटी सदस्यों ने बताया की क्षेत्र के सभी दानवीर के सहियोग से चलता है,कोई भोजन साम्रगी तो कोई नगद भुगतान सेवा के लिए दान करता है , अगर कोई शिव शिविर में लंगर के लिए अपनी इच्छानुसार भोजन सामग्री व अन्य जरूरत अनुसार सहायता करने इच्छुक है तो श्री शिव कावड़ सेवा शिविर में संपर्क कर सकते है।
संवाददाता : : सीतापुर:: ::बुद्ध कथा और बुद्ध चरित कथा के पाठ पर मैगलगंज के नई बस्ती खखरा में चले ईट पत्थर बौद्धाचार्य घायल नहीं लिखी गई एफआईआर
आषाढ़ मास की पूर्णिमा के अवसर पर बौद्ध धम्म अनुयायियों द्वारा गुरु पूर्णिमा मनाया जाता है जिसमे बुद्ध कथा और बुद्ध चरित कथा के पाठ का होता है ऐसा मन जाता है की जातक कथाओं में वर्णन है की आज के ही दिन महामानव बुद्ध ने प्रथम बार अपना उपदेश जनता को सुनाया था।
सावन माह के गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देशवाशियों को हार्दिक शुभकामनाएं- धर्मेन्द्र कुमार गौतम

इसी कार्यक्रम के उपलक्ष्य में 13 जुलाई 2022 दिन शुक्रवार लखीमपुर जनपद के विधानसभा कस्ता के थाना मैगलगंज ग्राम मढ़िया रोड नई बस्ती खखरा में आषाढ़ मास की पूर्णिमा को हो रही बुद्ध कथा में बौद्ध धम्म से घृणा करने वाले लोगो ने डाला बौद्ध कथा में व्यवधान।
बस्ती के लोगो ने मीडिया को बताया की शांत प्रिय ढंग से कथा का आयोजय किया जा रहा था तभी उपद्रवी व मनुवादी विचारधारा के सवर्ण ( ठाकुर ) व्यक्तियों ने बौद्ध कथा को रोकवाने के लिए जबरन ईट पत्थर बौद्ध कथा वाचक के ऊपर चलना शुरू कर दिया। गन्दी गन्दी गालियां देते हुए मचाया गदर और जाति सूचक गालिया दी ।
शांति का संदेशवाहक पंचशील ध्वज की उड़ाई गई धज्जियां। मनुवादियों द्वारा ईंट और पत्थर भी चलाए गए। जिसमे कुछ महिलये और पुरुष सहित बौद्ध कथा वाचक गंभीर रूप से घायल हो गये जब बौद्धाचार्य महेश बौद्ध जी शिकायती प्रार्थना पत्र लेकर कोतवाली पहुंचे तो दबंगों ने थाने के सामने बौद्धाचार्य जी पर किया जानलेवा हमला। पुलिस बनी रही मूक दर्शक।
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |
[responsive-slider id=1466]
