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मैनपुरी में शिव मंदिर में काला बुर्का पहन पूजा करने पहुंची मुस्लिम महिला नजारा देख सभी हैरान

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संवाददाता : : मैनपुरी :: अवनीश कुमार :: मैनपुरी में शिव मंदिर में काला बुर्का पहन पूजा करने पहुंची मुस्लिम महिला नजारा देख सभी हैरान

मैनपुरी – महिला बुर्खा पहनें मन में कुछ मांगने की मन्नत पर मस्जिद की जगह मंदिर में आई महिला भगवान और भक्त का अटूट प्रेम।हिन्दू मुश्लिम और मंदिर मस्जिद करने बाले लोगों जरा ये तस्वीर भी देख लो नहीं बल्कि कुछ सीख भी लो और अपने दिमाग से मंदिर मस्जिद के प्रति भरी बुराइयो को निकाल कर फेंक दो क्योकि ये तस्वीर बहुत कुछ कह रही है। भोलेनाथ के भक्तों ने पूरे सावन भर अपने भगवान को प्रसन्न रखने और उन्हें मानने की पूरी तैयारी कर ली है। ऐसे में मैनपुरी नगर का प्राचीन भीमसेन महाराज मंदिर अपने आप में कई किवदंतियों को संजोए है। शिव भक्तों के लिए यह मंदिर पहली पसंद है। सावन में इस मंदिर का महत्व और भी बढ़ जाता है। मंदिर पर भक्तों के लिए विशेष व्यवस्थाओं के साथ विशेष साज-सज्जा भी की जाती है।

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लेकिन साबन के पहले सोमबार के ठीक एक दिन पहले ही इस मंदिर पर कुछ अलग ही तस्वीर देखने को मिली। जब यहां एक मुश्लिम महिला बुर्का पहन भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने आई। जिसे देख हर कोई हैरान रह गया लेकिन बस एक ही बात कहते दिखे लोग की भगवान तो सबके होते है। चाहे हिन्दू हो या मुश्लिम। मंदिर के बारे में बताया जाता है कि नगर के मोहल्ला गाड़ीवान स्थित भीमसेन महाराज का आधुनिक मंदिर 12वीं शताब्दी में अपने स्वरूप में आया, लेकिन भगवान भीमसेन का विग्रह पौराणिक काल का बताया जाता है। शहर के ईशान कोण में जहां मां शीतला देवी का मंदिर है वहीं आग्नेय कोण में भगवान भीमसेन विराजमान हैं। मान्यता है कि उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों के बीच इस पावन नगरी की रक्षा के लिए शिवा और शिव को विराजमान किया गया है। बटेश्वर धाम की तरह यहां भी भगवान शिव की प्रतिमा पद्मासन मुद्रा में है। विग्रह में बड़े-बड़े जटा जूट से अलंकृत चंद्रकला को मस्तक पर धारण करने वाले एवं बड़ी-बड़ी मूंछों से सुशोभित भगवान भोलेनाथ का शृंगार किया गया है। भीमसेन महाराज मंदिर के बारे में कहा जाता है कि अज्ञातवास के दौरान इच्छु नदी (वर्तमान में ईशन) के किनारे-किनारे बिठूर जाते समय पांडव यहां रुके थे। पांडवों ने भगवान भीमसेन के मंदिर में रुककर यहां भीमसेन महाराज की पूजा अर्चना की थी।मंदिर की आस्था इतनी है कि यहां हर धर्म के लोग पूजा करने आते हैं |

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