कासगंज में सोशल ऑडिट के नाम पर लीपा पोती
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संवाददाता : :कासगंज :: रामेश्वर सिंह :: कासगंज में सोशल ऑडिट के नाम पर लीपा पोती
खबर जनपद कासगंज के विकासखंड अमापुर मेंस्थित जहां ग्राम पंचायतों मेंजिला स्तरीय ग्राम पंचायत सोशल ऑडिट का कार्य किया जा रहा हैजिसमें एक बीआरपी व चार टीम सदस्य होते हैंजिनको सोशल ऑडिट के अंतर्गत मनरेगा व प्रधानमंत्री आवास का भौतिक सत्यापन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है लेकिनग्राम प्रधान व रोजगार सेवक बीआरपी ओं से अपनी सांठगांठ करने के बाद सही तरीके से ईमानदारी पूर्वक सोशल ऑडिट का कार्य नहीं किया जा रहा हैऔर जो पंचायती विभाग सेबीआरपी व टीम सदस्यों कोमौके पर सत्यापन करने करने के उपरांत उक्त फॉर्मेट मेंसही और गलत जानकारीअंकित करने के लिएदिए जाते हैं।उन पर बीआरपी टीम सदस्यों सेखाली फॉर्मेट पररोजगार सेवक व प्रधान से सांठगांठ करटीम सदस्यों पर गलत दबाव बना कर खाली फॉर्मेट पर हस्ताक्षर करा लेते हैंऔर वी आर पी रोजगार सेवक व प्रधान से रकम लेकरपूरी जांच प्रक्रिया के सत्यापन को गोलमाल कर देते हैंजब इसका विरोधऑडिट टीम में सदस्य करते हैंतो उक्त बीआरपी टीम सदस्यों के साथगलत व्यवहार करते हैंऔर सोशल ऑडिट टीम मेंना रखने काचैलेंज करते हैं।जब मैंने इस बाबत1 ग्राम पंचायत में सोशल ऑडिट बीआरपीव रोजगार सेवक व प्रधान सेऑडिट के संबंध में जानकारी लेना चाही तो रोजगार सेवक व उनके सामर्थक बीआरपी आग बबूला हो गएऔर जानकारी देने सेसाफ मना कर दिया।
बहुजन प्रेरणा दैनिक समाचार पत्र व बहुजन इंडिया 24 न्यूज़ (सम्पादक- मुकेश भारती ) किसी भी शिकायत के लिए सम्पर्क करे – 9161507983
खबर जनपद कासगंज के विकासखंड अमापुर मेंस्थित जहां ग्राम पंचायतों मेंजिला स्तरीय ग्राम पंचायत सोशल ऑडिट का कार्य किया जा रहा हैजिसमें एक बीआरपी व चार टीम सदस्य होते हैंजिनको सोशल ऑडिट के अंतर्गत मनरेगा व प्रधानमंत्री आवास का भौतिक सत्यापन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है लेकिनग्राम प्रधान व रोजगार सेवक बीआरपी ओं से अपनी सांठगांठ करने के बाद सही तरीके से ईमानदारी पूर्वक सोशल ऑडिट का कार्य नहीं किया जा रहा हैऔर जो पंचायती विभाग सेबीआरपी व टीम सदस्यों कोमौके पर सत्यापन करने करने के उपरांत उक्त फॉर्मेट मेंसही और गलत जानकारीअंकित करने के लिएदिए जाते हैं।उन पर बीआरपी टीम सदस्यों सेखाली फॉर्मेट पररोजगार सेवक व प्रधान से सांठगांठ करटीम सदस्यों पर गलत दबाव बना कर खाली फॉर्मेट पर हस्ताक्षर करा लेते हैंऔर वी आर पी रोजगार सेवक व प्रधान से रकम लेकरपूरी जांच प्रक्रिया के सत्यापन को गोलमाल कर देते हैंजब इसका विरोधऑडिट टीम में सदस्य करते हैंतो उक्त बीआरपी टीम सदस्यों के साथगलत व्यवहार करते हैंऔर सोशल ऑडिट टीम मेंना रखने काचैलेंज करते हैं।जब मैंने इस बाबत1 ग्राम पंचायत में सोशल ऑडिट बीआरपीव रोजगार सेवक व प्रधान सेऑडिट के संबंध में जानकारी लेना चाही तो रोजगार सेवक व उनके सामर्थक बीआरपी आग बबूला हो गएऔर जानकारी देने सेसाफ मना कर दिया।
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