राजस्थान हाईकोर्ट के अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी
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संवाददाता : : जयपुर :: रघुनाथ सुकरिया : :राजस्थान हाईकोर्ट के अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी
जयपुर | राजस्थान हाईकोर्ट के अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी पुलिस थाने में परिवाद पेश, हाईकोर्ट ने लिया पर संज्ञान,पुलिस व आरोपियों को 4 सप्ताह में जवाब देने के लिए किया पाबन्द।चार सफ्ताह बाद पुनः होगी मामले की सुनवाई।जयपुर राजस्थान उच्च न्यायालय के अधिवक्ता विकास बुनकर को आदतन अपराधी देवाराम राठौड़ द्वारा जान से मारने की धमकी,राजस्थान उच्च न्यायालय के अधिवक्ता विकास बुनकर अपने साथी अधिवक्ताओं के साथ हाईकोर्ट केंटीन में बैठे थे ।दिनांक 26/07/2022 को सांय 5 बजे के करीबन मोबाईल नम्बर 9521840416 से अधिवक्ता के मोबाईल नम्बर 9929294770 पर फोन आया फोन पर अपने आप को देवा राठौड बताया और कहा की मुझे देवा राठौड कहते हैं तेरे बाप ने मेरे रिश्तेदारों पर मुकदमा कर रखा है उसे वापस ले ले में कई महीनो की जेल काटा हुआ हूँ मुझे जेल जाने से डर नहीं लगता है।कमलेश बुनकर, गिरधारी बुनकर, राकेश बुनकर, सरपंच राजेन्द्र बुनकर, को अपना रिश्तेदार बताने हुए । धमकी देते हुए कहा कि इन लोगों के खिलाफ कोई कार्यवाही की तो तुझे और तेरे परिवार का अता पता नहीं चलेगा की कहां गये । गाली गलौच की और जान से मारने और उठवा देने की धमकी दी ।फोन सुनकर अधिवक्ता विकास बुनकर साथ बैठे साथी अधिवक्ता मोहन बगड़िया और अन्य दो तीन अधिवक्ता भी सकते में आगये।अधिवक्ता विकास बुनकर ने हाईकोर्ट के नजदीक पुलिस थाना अशोकनगर जयपुर शहर को एक परिवाद देखकर फोन पर दी गई धमकी से अवगत करवाया। पुलिस थाना अधिकारी अशोकनगर ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रोज नाम से भी चढ़ा कर जांच शुरू कर दी।अधिवक्ता विकास बुनकर ने एक आदतन अपराधी द्वारा दी गई धमकी के विरुद्ध अशोक नगर थाना पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने पर राजस्थान उच्च न्यायालय में वाद पेश कर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई राजस्थान उच्च न्यायालय ने महानिदेशक सहित अधिकारियों एवं आरोपियों को 4 सप्ताह के अंदर जवाब के साथ तलब किया है।पीड़ित अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि सरपंच राजेंद्र बुनकर गिरधारी बुनकर कमलेश बुनकर राकेश बुनकर द्वारा आमेर पुलिस अधिकारी से मिलीभगत कर स्टे आर्डर के बाद भी जमीन पर अपना पद का दुरुपयोग कर काटे लकड़ियां डालकर स्टे ऑर्डर की अवहेलना कर दी। इन लोगो का संबंध कई भूमांफीयो से है जमीनों पर कब्जे करने के आरोप है इन लोगो के खिलाफ भी कई मामले दर्ज हैं थाना आमेर की मिलीभगत से कई लोगो को डरा धमका देते है राजीनामे के लिए पुलिस कर रही है इनका सहयोग जिससे इनके हौसले बुलंद है। राजस्थान उच्च न्यायालय ने मामले को गम्भीर मानते हुए चार सफ्ताह में डीजीपी व संबंधित पुलिस थाना व अशोक नगर पुलिस थाना को जवाब पेश करने का समय इस बीच विकास बुनकर की स्वतंत्रता व जीवन की सुरक्षा की जिमेदारी डीजीपी व कमिश्नर एसएचओ आमेर अशोक नगर व अन्य पुलिस अधिकारीयो को दी। राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भुवनेश शर्मा कर रहे हैं मामले की पैरवी हाईकोर्ट ने मामले को माना गंभीर।ज्ञात रहे आरोपी के विरुद्ध उपखंड अधिकारी जमवारामगढ़ के जमीन को लेकर विवाद चल रहा था और उपखंड अधिकारी द्वारा स्थगन आदेश होने के पश्चात भी रास्ता अवरुद्ध कर दिए और आरोपी आए दिन झगड़ा करने की नियत से उपखंड न्यायालय जमवारामगढ़ की अवहेलना करते हुए विवाद करने की नियत से अशांति उत्पन्न करते रहते हैं पूर्व में भी आरोपियों ने अधिवक्ता के छोटे भाई विक्रम सिंह बुनकर ने आरोपियों के पुलिस उपायुक्त उत्तर जयपुर को रिपोर्ट देकर आम रास्ते को अवरुद्ध करने वाले के खिलाफ कार्यवाही की मांग की थी। जिस की भी पुलिस जांच कर रही है।
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