युवराज दत्त महाविद्यालय क अर्थशास्त्र विभाग द्वारा महिला उद्यमिता का विकास विषय पर निबन्ध प्रतियोगिता एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया
1 min read
|
😊 Please Share This News 😊
|
संवाददाता : : लखीमपुर खीरी :: अमरेन्द्र सिंह :: युवराज दत्त महाविद्यालय क अर्थशास्त्र विभाग द्वारा महिला उद्यमिता
का विकास विषय पर निबन्ध प्रतियोगिता एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया
लखीमपुर खीरी दिनांक 26.08.2022 को महिला समानता दिवस के अवसर पर युवराज दत्त महाविद्यालय क अर्थशास्त्र विभाग द्वारा महिला उद्यमिता का विकास विषय पर निबन्ध प्रतियोगिता एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ० ज्योति पंत ने किया। कार्यक्रम के आयोजन में अर्थशास्त्र विभाग के असि० प्रोफेसर दीपक कुमार बाजपेई ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम का शुभारम्भ बी०ए० की छात्रा तेजस्वनी द्वारा सरस्वती वंदना के साथ किया गया। वंशिका शुक्ला ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। बी० काम० के छात्र अक्षत ने महिला उद्यमिता के विकास पर संक्षिप्त जानकारी दी। बी0ए0 के छात्र सचिन ने राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित थारू शिल्प से जुड़ी हुई थारू जनजाति की उद्यमी श्रीमती आरती राना के उद्यमी जीवन की संक्षिप्त जानकारी दी। महाविद्यालय में मिशन शक्ति की संयोजिका एवं अंग्रेजी विभाग की एसो0 प्रोफेसर डॉ० नीलम त्रिवेदी ने बताया कि महिला होने का अर्थ अब कमजोर होना नहीं रहा है। महिलायें अब प्रत्येक क्षेत्र में परिचम फहरा रही हैं।
बहुजन प्रेरणा दैनिक समाचार पत्र व बहुजन इंडिया 24 न्यूज़ (सम्पादक- मुकेश भारती ) किसी भी शिकायत के लिए सम्पर्क करे – 9161507983
वह दिन दूर नहीं जब महिला पुरूष में कोई भेद नहीं रहे। इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ० नूतन सिंह ने ऐतिहासिक रूप से महिलाओं के साथ हुए भेदभावों पर विस्तार से चर्चा की। लैंगिग आधार पर हुए कार्यों के विभाजन की आलोचना करते हुए उन्होंने आशा
व्यक्त की कि भविष्य में महिलाओं को और अधिक अधिकार प्राप्त
होंगे। कार्यक्रम के विशिष्ट वक्ता वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ० डी०एन० मालपानी ने देश में उद्यमिता की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने महिला उद्यमिता से सम्बन्धित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी तथा उद्यमिता के विकास के लिए आवश्यक गुणों की विस्तार से व्याख्या की। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ० अंशू वर्मा ने लैंगिग भेदभाव के कारणों पर विचार रखे तथा स्वयं सहायता समूह के महत्व के साथ उनकी कार्यप्रणाली पर भी प्रकाश डाला। इसके साथ ही उन्होंने महाविद्यालय की छात्राओं को एक समूह बनाने के लिए प्रेरित किया और इस कार्य में यथासम्भव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय प्राचार्य प्रो० (डॉ०) हेमन्त कुमार पाल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में बताया कि भले ही समाज में समस्यायें हों हमें सकारात्मक रहकर उसी परिस्थिति में अच्छे कार्य की शुरूआत करनी चाहिए, आगे का रास्ता अपने आप बनता चला जायेगा। संगोष्ठी के उपरान्त निबन्ध प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में डॉ० डी०के० सिंह, डॉ० सुभाष चन्द्रा, श्री देशराज, श्री श्वेतांक भारद्वाज, श्री मानवेन्द्र यादव, श्री रचित, श्री धर्म नारायण एवं समस्त विभागों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |
More Stories
[responsive-slider id=1466]
