स्वास्थ्य विभाग के छापे में भर्ती मिलीं 3 महिलाएं,बिना कार्यवाही किये बैरंग लौटी टीम
1 min read
|
😊 Please Share This News 😊
|
संवाददाता : : हरदोई::आदित्य गौतम :: Date ::3 .11 .2022 ::कस्बे में गुलाबी नोट लेने की चर्चा मौके पर भारी पुलिस बल रहा मौजूद
शाहाबाद,हरदोई। बुधवार को सीएचसी अधीक्षक एमपी जायसवाल की टीम ने नगर के एक क्लीनिक पर छापा मारकर प्रसव हेतु आयीं 3 महिलाओं को यहां पर भर्ती पाया लेकिन किसी भी प्रकार की कार्रवाई न किये जाने पर लोग विभागीय अधिकारियों पर सबाल खड़े कर रहे हैं।सूचना पर हरदोई से आए डिप्टी सीएमओ डॉ पंकज मिश्रा ने अपने बयान में तथाकथित बीयूएमएस डॉक्टर को आयुष विभाग में पंजीयन होना बताकर मामले से पल्ला झाड़ लिया।तथा यहां भर्ती प्रसूताओं के बाबत कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
सूत्रों की मानें तो बीयूएमएस का पंजीयन जिला यूनानी अधिकारी के यहां कराया जाता है जो डिप्टी सीएमओ के बयान से मेल नहीं खाता है। ऐसी स्थिति में उक्त असपताल पर कोई कार्यवाही न किया जाना डिप्टी सीएमओ की संदिग्धता की ओर इशारा कर रही है।बतातें चलें कि सीएचसी अधीक्षक द्वारा उक्त क्लीनिक के संचालक व डॉक्टर महताब को नोटिस जारी किया गया था।अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई जबाब न मिलने पर बुधवार को सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर एमपी जायसवाल कोतवाली शाहाबाद के उपनिरीक्षक चौकी इंचार्ज सरदार गंज रामलखन अवस्थी भारी पुलिस बल के साथ उक्त क्लीनिक पँहुचे।जहां पर 3 प्रसूताएं भर्ती पाई गईं।जिन्हें करीब 2 घण्टे बाद वहाँ से हटा दिया गया।
3 घंटे की कार्यवाही में 9 दिन चले अढ़ाई कोस वाली कहावत हुई चरितार्थ
शाहाबाद सरकार चाहे जितने जतन करे लेकिन स्वास्थ्य विभाग अपने कारनामों के लिये हमेशा चर्चा का विषय बन जाता है। नगर के लाइफ लाइन क्लीनिक एवं मेटरनिटी सेंटर पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने संयुक्त रुप से छापा डाला।छापे के दौरान 3 महिलाएं प्रसव हेतु भर्ती पायीं गयीं। 3 घंटे चली इस कार्यवाही के बाद महिलाओं को पिछले दरवाजे से बाहर निकाल दिया गया।नगर के कई बड़े नाम चीन लोग मैनेज कराने में रहे व्यस्त रहे।वही सूचना पर पहुंचे हरदोई से डिप्टी सी एम ओ पंकज मिश्रा ने भी पत्रकारों के सामने गोलमोल बात करते हुये क्लीनिक को अभयदान दे दिया कार्रवाई के नाम पर शून्य रहाऔर फिर वही हुआ जो स्वास्थ्य विभाग हमेशा करता रहता है।खास बात यह भी रही कि यहां पर भर्ती गर्भवती महिलाओं व उनके तीमारदारों को डिप्टी सीएमओ और सीएचसी अधीक्षक के सामने ही बाहर कर दिया गया। और स्वास्थ्य विभाग देखता रहा अस्पताल परिसर में अंग्रेजी दवाओं का भंडार भरा रहा लेकिन मालूम होता इस पर कोई ध्यान ही नहीं है स्वास्थ्य विभाग का हाई वोल्टेज ड्रामा मौके से गर्भवती महिलाओं को को बाहर निकालने की कवायद कैमरे में कैद हो गयी।
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |
[responsive-slider id=1466]
