NRHM BSP: बसपा दफ्तर भेजे गए थे कमिशन के 50 लाख रुपये, एनआरएचएम घोटाले में ईडी की रिपोर्ट से बड़ा खुलासा
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संवाददाता : : :: :: Date ::09 .12 .2022 :: NRHM BSP: बसपा दफ्तर भेजे गए थे कमिशन के 50 लाख रुपये, एनआरएचएम घोटाले में ईडी की रिपोर्ट से बड़ा खुलासा
एनआरएचएम घोटाला मामले में ईडी ने चार्जशीट फाइल कर दी है। ईडी की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि बसपा सरकार में बाबू सिंह कुशवाहा और तत्कालीन प्रमुख सचिव। नआरएचएम घोटाला मामले में ईडी ने चार्जशीट फाइल कर दी है। ईडी की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि बसपा सरकार में बाबू सिंह कुशवाहा और तत्कालीन प्रमुख सचिव ने मोटा कमिशन लिया था। घूस की रकम से आरोपियों ने कई संपत्ति भी खरीदीं। बालू सिंह कुशवाहा के घर पर ही दलालों की मीटिंग भी हुई थी।
बहुजन प्रेरणा दैनिक समाचार पत्र व बहुजन इंडिया 24 न्यूज़ (सम्पादक- मुकेश भारती ) किसी भी शिकायत के लिए सम्पर्क करे – 9336114041
लखनऊ: एनआरएचएम घोटाले में आरोपित बनाए गए पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा और तत्कालीन प्रमुख सचिव प्रदीप शुक्ला के खिलाफ ईडी ने चार्जशीट फाइल कर दी है। दोनों पर अस्पतालों में साफ पानी के लिए आरओ (रिवर्स ओसमोसिस) सिस्टम लगाने का ठेका दिलाने के लिए कमिशन लेने का आरोप है। ईडी ने अपनी चार्जशीट में ठेका दिलवाने वाले बिचौलिये और दलाल का नाम, बयान शामिल किया है। दोनों ने बताया है कि सभी सरकारी अस्पतालों में आरओ प्लांट लगवाने के लिए तत्कालीन मंत्री और प्रमुख सचिव ने कमिशन मांगा था।ईडी की चार्जशीट के मुताबिक ठेके में बिचौलिये मानवेंद्र चड्ढा ने ईडी को बयान दिया है कि उसने काम के एवज में पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा और तत्कालीन प्रमुख सचिव और रिटायर्ड आईएएस प्रदीप शुक्ला को घूस दी। इस ठेके के संबंध में कुशवाहा के लखनऊ स्थित आवास पर मई और जून 2009 में दलाल गिरीश मलिक और मानवेंद्र चड्ढा की मीटिंग हुई थी। इसमें कुशवाहा ने टेंडर के एवज में सात प्रतिशत घूस की मांग की थी। इसमें अडवांस के रूप में 50 लाख रुपये दिए गए। बाद में डेढ़ करोड़ रुपये और दिए गए। चार्जशीट के मुताबिक पूर्व आईएएस प्रदीप शुक्ला को एक प्रतिशत की घूस दी गई। आरोपितों ने घूस की रकम से संपत्तियां खरीदीं।बाजार मूल्य से ढाई लाख अधिक में खरीदे आरओ चार्जशीट के मुताबिक वर्ष 2005 से वर्ष 2011 के बीच एनआरएचएम के तहत आरओ के लिए आई रकम में जमकर खेल हुआ। बाजार मूल्य से करीब ढाई लाख रुपये ज्यादा कीमत पर खरीद हुई। चार्जशीट के मुताबिक 11 सितंबर 2009 में अनोद फार्मा ने यूपीएसआइडीसी के प्रभारी एक्जीक्यूटिव इंजिनियर पीके बाजपेयी को प्रदेश के 133 महिला, पुरुष और संयुक्त अस्पतालों में आरओ सिस्टम लगाने के लिए अर्जी दी। इसके बाद महाप्रबंधक अभय बाजपेयी के निर्देश पर तीनों कंपनियों को 133 अस्पतालों में आरओ वर्क व सिविल कार्यों के 70 टेंडर फार्म बेचे गए। करीब 19 करोड़ 93 लाख के ठेके के लिए आरोपित तीनों कंपनियों ने अलग-अलग टेंडर डाले। इन्हें बनाया है आरोपित ईडी के सहायक निदेशक की ओर से दाखिल चार्जशीट में पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा, तत्कालीन प्रमुख सचिव प्रदीप शुक्ला, कानपुर की अनोद प्लाज्मा स्प्रे प्राइवेट लिमिटेड, निदेशक राकेश कुमार टंडन, अनोद फार्मा प्राइवेट लिमिटेड, निदेशक प्रदीप कुमार टंडन, सोफगेल कैप्सूलेशन प्राइवेट लिमिटेड, निदेशक अनूप कुमार टंडन को आरोपित बनाया है।
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