सेवानिवृत्ति सर्वेयर गौरीशंकर की पेंशन 5 वर्षो से स्वीकृति के बाद भी विभाग ने दिया जिम्मेदार मौन ! – बहुजन इंडिया 24 न्यूज

सेवानिवृत्ति सर्वेयर गौरीशंकर की पेंशन 5 वर्षो से स्वीकृति के बाद भी विभाग ने दिया जिम्मेदार मौन !

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संवाददाता : : बस्ती :: सोनू राव :: Date ::2 .11 .2022 :: सेवानिवृत्ति सर्वेयर गौरीशंकर की पेंशन 5 वर्षो से स्वीकृति के बाद भी विभाग ने दिया जिम्मेदार मौन !
नलकूप खण्ड संतकबीरनगर से सेवानिवृत्ति सर्वेयर गौरीशंकर के पेंशन प्रपत्र पर शासनादेशो के विरुद्ध जाकर अपर निदेशक कोषागार एवं पेंशन कार्यालय बस्ती द्वारा आपत्ति लगाए जाने से विगत 5 वर्षो से पेंशन स्वीकृति नहीं हों सकी। कर्मचारी क्षुब्ध होकर मांग मा उच्चन्यायालय के शरण मे गया वहा से पेंशन स्वीकृति कर प्रस्तुत करने के आदेश पर द्वेष भावना से प्रेरित होकर पेंशन कम कर दिया गया और अंतरिम पेंशन ही न्यायालय मे प्रस्तुत किया गया। जानकारी के मुताबिक दिनांक 31-12-2017 को सेवानिवृति होने के बाद पेंशन प्रपत्र स्वीकृति के लिए भेजा गया जिस पर 34 माह सेवानिवृत तिथि से पीछे जांच करने का अधिकार हैं परन्तु 2006 से वेतन निर्धारण त्रुटिपूर्ण बताते हुये सशोधन हेतु वापस कर दिया गया जिसे अनावश्यक करार देते हुये अनंतिम ग्रेचुटी भुगतान कर अनंतिम पेंशन दिया जाने लगा।

पेंशन प्रपत्र

शासनादेशो के अनुसार दो माह के बाद ही ग्रेचुटी के रोके गए धनराशि को अवमुक्त करते हुये पेंशन अंतिम रूप से स्वीकृतिकर्ता अधिकारी स्वीकृति कर देगा परन्तु माह पांच 2020 तक अनंतिम पेंशन देकर उसे भी बंद कर दिया गया। भुगतान किये गये धनराशि को वापस जमा कराने की मांग कर्मचारी से की जाने लगी।

जबकि शासनादेशो के मुताबिक-सेवानिवृति कर्मचारी से कोई वेतन व पेंशन की भुगतान की गई धनराशि की वसूली नहीं की जा सकती। जानकारी के मुताबिक कार्यालय अधिशाषी अभियंता द्वारा विभागीय वित्त नियंत्रक को पेंशन प्रपत्र पर प्रतिहस्ताक्षर करने के लिए भेजा गया तो वित्त नियंत्रक द्वारा पत्र में कही गई कार्यवाही न करके मनमानी ढंग से टिप्पणी कर लिख दिया की अपर निदेशक पेंशन द्वारा लगाई गई आपत्ति सही हैं। जब की कार्यालय अध्यक्ष द्वारा भेजे गए संदर्भित पत्र मे अपर निदेशक पेंशन के द्वारा लगाई गई आपत्ति का कोई उल्लेख नहीं किया गया था केवल पेंशन प्रपत्र प्रतिहस्ताक्षर के लिए भेजा गया था इस प्रकार अनाधिकृति रूप से किये जा रहे टिप्पणी से अबतक कर्मचारी का पेंशन पांच वर्षो से लंवित हैं देखना हैं की न्यायालय, शासन, प्रशासन से कब न्याय मिलेगा?

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