Mainpuri News :: मैनपुरी उपचुनाव में BSP ने नहीं उतारा उम्मीदवार फिर क्यों हो रही चर्चा, जानें समीकरण
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संवाददाता : :मैनपुरी : : :: Date ::13 ::12 :: .2022 : मैनपुरी उपचुनाव में BSP ने नहीं उतारा उम्मीदवार फिर क्यों हो रही चर्चा, जानें समीकरण
यूपी की मैनपुरी लोकसभा सीट का उपचुनाव रोचक हो गया है. बहुजन समाज पार्टी ने इस सीट पर अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है जिससे सपा और बीजेपी की चुनावी लड़ाई। उत्तर प्रदेश की मैनपुरी लोकसभा सीट और दो विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव हो रहे हैं. 5 दिसंबर को इन सीटों पर मतदान होना है लेकिन सबसे अधिक चर्चा हो रही। है मैनपुरी लोकसभा सीट की. मैनपुरी लोकसभा सीट से उपचुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव चुनाव मैदान में मुलायम सिंह यादव के निधन से रिक्त हुई इस सीट से जहां उनकी बहू डिंपल यादव चुनाव मैदान में हैं तो वहीं ऐन चुनाव के वक्त मुलायम का परिवार भी एकजुट हो गया।
बहुजन प्रेरणा दैनिक समाचार पत्र व बहुजन इंडिया 24 न्यूज़ (सम्पादक- मुकेश भारती ) किसी भी शिकायत के लिए सम्पर्क करे – 9336114041
यूपी की मैनपुरी लोकसभा सीट का उपचुनाव रोचक हो गया है. बहुजन समाज पार्टी ने इस सीट पर अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है जिससे सपा और बीजेपी की चुनावी लड़ाई। उत्तर प्रदेश की मैनपुरी लोकसभा सीट और दो विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव हो रहे हैं. 5 दिसंबर को इन सीटों पर मतदान होना है लेकिन सबसे अधिक चर्चा हो रही। है मैनपुरी लोकसभा सीट की. मैनपुरी लोकसभा सीट से उपचुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव
चुनाव मैदान में मुलायम सिंह यादव के निधन से रिक्त हुई इस सीट से जहां उनकी बहू डिंपल यादव चुनाव मैदान में हैं तो वहीं ऐन चुनाव के वक्त मुलायम का परिवार भी एकजुट हो गया।दूसरी तरफ, सूबे और केंद्र की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सपा से ही सांसद रहे रघुराज शाक्य को टिकट दिया था. रघुराज शाक्य को शिवपाल यादव का करीबी माना जाता था लेकिन अब चाचा-भतीजे में सुलह के बाद माहौल बदल गया है. बीजेपी ने कई बड़े नेताओं को मैनपुरी के चुनावी रण में प्रचार के लिए उतार दिया है वहीं अब चर्चा चुनाव मैदान से दूरी बनाए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की भी हो रही है. बसपा की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि पार्टी के चुनाव रही है क्योंकि पार्टी के चुनाव न लड़ने के फैसले के बाद दलित वोटरों का साथ किसे मिलेगा।
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