Pilibhit News:अवैध वसूली ::प्रकाशक और निजी स्कूल के प्रबंधक की मिली भगत से मन मर्जी मूल्य का स्टीकर चिपका कर शिक्षा के मंदिर को बनाया गोरखधंधा
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संवाददाता :: पीलीभीत ::संतोष कुमार मित्रा {C018} :: Published Dt.05.08.2023 :Time:9:25PM ::अवैध वसूली ::प्रकाशक और निजी स्कूल के प्रबंधक की मिली भगत से मन मर्जी मूल्य का स्टीकर चिपका कर शिक्षा के मंदिर को बनाया गोरखधंधा :बहुजन प्रेस -सम्पादक :मुकेश भारती : www. bahujan india 24 news .com

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Pilibhit News । ब्यूरो रिपोर्ट : संतोष कुमार मित्रा । Date :05 August (Month August 2023- Pilibhit News Serial: Weak -01):(01Days to 07 Days: No-04) (Year 2023 News No:39)
अवैध वसूली ::प्रकाशक और निजी स्कूल के प्रबंधक की मिली भगत से मन मर्जी मूल्य का स्टीकर चिपका कर शिक्षा के मंदिर को बनाया गोरखधंधा
हजारा पीलीभीत । जिले में नई शिक्षा नीति का घोर उलंघन होता हुआ नजर आया जन हित में
स्कूल को शिक्षा का मंदिर कहा जाता है । लेकिन देश में प्राइवेट स्कूल संचालकों ने शिक्षा के मंदिर को शुद्ध व्यापार का रुप दे दिया है। जहां पर स्कूल संचालकों ने शिक्षा को बेचने के साथ साथ कापी – किताबें, यूनिफार्म, जूता, मोजे आदि बेचने की दुकान खोली ली है। इसको सही भाषा में कहा जाये तो लूट का अड्डा बन गए हैं प्राइवेट स्कूल।
ऐसा ही एक मामला पीलीभीत जनपद के ट्रांस शारदा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम मौरेनियां गांधीनगर में अमन चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल से सामने आया है। जहां पर स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों को दी गई किताबों में एमआरपी के दो-दो स्टीकर लगे हैं। और उन किताबों पर प्लास्टिक की पन्नी चढ़ी हुई है। आपको बता दें कि अभिवावकों नें पत्रकारों के सामने 270 रुपये एमआरपी वाली किताब पर लगे स्टीकर को खुरचा तो उसके नीचे से 190 रुपये का एमआरपी लिखा हुआ था। सभी किताबों का कमोबेश यही हाल था। जबकि कापी किताबों पर तीस से चालीस प्रतिशत डिस्काउंट मिलना चाहिए। लेकिन यहां तो उल्टी गंगा बह रही है। अभिवावकों नें अमन चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल के संचालक पर मनमानी करने का आरोप लगाया है।
इसके अलावा स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्रकाशकों की किताबों की जगह पर कमीशन खोरी के चक्कर में प्राइवेट प्रकाशकों की किताबें दी हैं।
जबकि शिक्षा विभाग के नियम के अनुसार सभी स्कूलों में सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्रकाशकों की ही किताबें होनी चाहिए। इसको लेकर अभिवावकों नें हमें बताया कि हमें मजबूर किया जाता है कापी किताबें खरीदने के लिए। साथ ही कहा कि स्कूल प्रबंधन मनमाफिक दाम वसूल रहे हैं हम लोगों से। आपको यहां बता दें कि पहले एडमिशन के नाम पर भारी भरकम रकम वसूलते और दाखिले के बाद कापी किताबों के नाम पर लोगों को चूना लगा रहे हैं।
प्राइवेट स्कूल संचालकों का आज के दौर में एक ही उद्देश्य बन गया है कि लूट लो जितना लूटना है। उन्हें पता है कि उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा। क्योंकि हमारे जिले का सिस्टम बेचारा गुलाबी रंग को देखकर रहम दिल हो जाता है। जानकर भी कोई कार्रवाई नहीं करता। शिक्षा विभाग के नियमों की प्राइवेट स्कूल संचालक धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। कानून को ठेंगा दिखा कर अपनी दुकानें सजाकर बच्चों के अभिभावकों की जेबों में डाका डाल रहे हैं। चंद पन्नों की कापी किताबों को सैकड़ों रुपयों में बच्चों को दी जा रही हैं। अब आगे देखने वाली बात होगी कि पीलीभीत जिले का शिक्षा विभाग इस तरह के गोरखधंधा करने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।
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