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कोरोना महामारी से बचाव के लिए करनैलगंज में लगाया गया लाक डाउन

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कोरोना महामारी से बचाव के लिए करनैलगंज में लगाया गया लाक डाउन
जितेंद्र कुमार बहुजन इंडिया 24 न्यूज़ प्रेरणा दैनिक समाचार पत्र

करनैलगंज, गोण्डा। कोरोना महामारी से बचाव के लिए करनैलगंज में लगाया गया लाक डाउन बहुत ही अनोखा है। यहां दुकानें तो बंद रहती हैं लेकिन मिलता सब कुछ है।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए शासन द्वारा लाक डाउन लगाया है और दुकानों को बंद रखने के आदेश दिये गये हैं लेकिन करनैलगंज में लाक डाउन और दुकान बंदी एक मजाक बनकर रह गया है। लाक डाउन की स्थिति यह है कि लाक डाउन के पूर्व जिस प्रकार लोगों का आवागमन होता था, लाक डाउन होने के बाद भी वही स्थिति बरकरार है। उसमें जरा सा भी अंतर नहीं दिखाई पड़ रहा है और लोगों का आवागमन दिन भर जारी रहता है। इसी प्रकार दुकानों के खोलने का भी मामला है। प्रशासन ने फल, सब्जी और किराने की दुकानों को सुबह 10 बजे तक खोलने का निर्देश दिया है लेकिन यह निर्देश भी कागजी ही दिखाई पड़ रहा है। फल, सब्जी और किराने की दुकानें तो दिन भर खुली ही रहती हैं, अन्य दुकानें जैसे कपड़ा, जनरल स्टोर, बर्तन, मिठाई, चाय नाश्ता आदि की दुकानें भी खुली रहती हैं। अंतर केवल इतना है कि अब ग्राहकों को दुकान के अंदर करके शटर गिराकर विक्री की जाती है। कोरोना काल में दुकानदार लाक डाउन के कारण सामानों के महंगा हो जाने की बात कहकर ग्राहकों से काफी अधिक मूल्य भी वसूल रहे हैं। दूसरी ओर इन सबको देखने की जिम्मेदारी ढोने वाली पुलिस सब कुछ देखते हुए भी अपनी आंखें बंद किये हुए है। कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस भी अपना स्वार्थ सिद्ध करने में लगी हुई है जिससे उसे आंखें बंद रखनी पड़ रही हैं। वास्तविकता कुछ भी हो लेकिन पुलिस और नागरिकों द्वारा बरती जा रही यह लापरवाही निकट भविष्य में नगर और ग्रामीण क्षेत्रों को एक बड़े संकट में डाल सकती है।

 

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