“Annihilation of Caste”
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आज ही के दिन 15 मई 1936 को बाबासाहेब ने “Annihilation of Caste” पर लिखे अपने भाषण को स्वयं प्रकाशित किया था, क्योंकि जात-पात तोड़क मंडल भाषण में बदलाव चाहता था। लेकिन बाबा साहेब ने भाषण बदलने से साफ मना कर दिया।

इस किताब में बाबा साहेब ने अपने आदर्शों का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि जातिवाद के विनाश के बाद जो स्थिति पैदा होगी उसमें स्वतंत्रता, बराबरी और भाईचारा होगा। एक आदर्श समाज के लिए उनका यही सपना था। एक आदर्श समाज में विचारों का आदान-प्रदान होता रहना चाहिए।
#AnnihilationOfCaste
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